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	<title>शुभांशु शुक्ला Archives - Newj9</title>
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	<link>https://newj9.com/archives/tag/शुभांशु-शुक्ला</link>
	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles</description>
	<lastBuildDate>Mon, 18 Aug 2025 12:21:25 +0000</lastBuildDate>
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		<title>मानसून सत्र में हंगामा, शुभांशु शुक्ला के ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन पर चर्चा अधूरी</title>
		<link>https://newj9.com/archives/149266</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newj9]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Aug 2025 11:33:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शुभांशु शुक्ला]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का 18वां दिन सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया। बिहार के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष ने कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार नारेबाजी की। हंगामे के बीच, दोपहर 2 बजे भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन पर विशेष चर्चा शुरू हुई, &#8230;</p>
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<p><strong>नई दिल्ली:</strong> संसद के मानसून सत्र का 18वां दिन सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया। बिहार के <strong>विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)</strong> को लेकर विपक्ष ने कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार नारेबाजी की। हंगामे के बीच, दोपहर 2 बजे <strong>भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला</strong> के ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन पर विशेष चर्चा शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा। नतीजा यह रहा कि कुछ ही देर बाद <strong>लोकसभा को मंगलवार (19 अगस्त) सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।</strong></p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>राजनाथ सिंह ने जताई नाराजगी</strong></h4>



<p>हंगामे पर <strong>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह</strong> ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:<br><strong>“आज लोकसभा में भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन और ISRO मिशन के पायलट शुभांशु शुक्ला की अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) यात्रा और उनकी वापसी पर विशेष चर्चा के दौरान विपक्ष ने जिस तरह से हंगामा किया और सदन को चलने नहीं दिया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”</strong></p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>‘अंतरिक्ष कार्यक्रम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए’</strong></h4>



<p>रक्षामंत्री ने आगे कहा कि यह चर्चा <strong>भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम और विकसित भारत 2047 में इसकी भूमिका</strong> विषय पर थी। उन्होंने विपक्ष के रवैये को “बेहद निराशाजनक” बताते हुए कहा:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>विपक्ष चर्चा में भाग लेकर रचनात्मक सुझाव दे सकता था।</li>



<li>अंतरिक्ष से जुड़ी बातें भारत की <strong>वैज्ञानिक और सामरिक दृष्टि</strong> से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।</li>



<li>ऐसे विषयों को <strong>दलगत राजनीति से ऊपर रखना चाहिए।</strong></li>
</ul>



<p>राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि <strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में जो ऊंचाइयां छू रहा है, वह अभूतपूर्व है।</strong></p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>शुभांशु शुक्ला की वापसी पर स्वागत</strong></h4>



<p><strong>भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला</strong> रविवार (17 अगस्त) की सुबह भारत लौटे। दिल्ली में उनका स्वागत केंद्रीय मंत्री <strong>जितेंद्र सिंह</strong>, <strong>दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता</strong> और <strong>इसरो चेयरमैन वी. नारायणन</strong> ने किया।</p>



<p>उनकी वापसी के उपलक्ष्य में सोमवार को लोकसभा में “<strong>अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री – 2047 तक विकसित भारत के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका</strong>” विषय पर विशेष चर्चा रखी गई थी, लेकिन विपक्षी हंगामे के कारण यह अधूरी रह गई।</p>
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		<title>शुभांशु शुक्ला की धरती पर वापसी: ‘आज का भारत अब भी सारे जहां से अच्छा दिखता है’</title>
		<link>https://newj9.com/archives/148405</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newj9]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Jul 2025 11:29:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शुभांशु शुक्ला]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अंतरिक्ष से भारत का मान बढ़ाकर लौटे शुभांशु शुक्ला ने मंगलवार को पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी की। एक्सिओम-4 (Axiom-4) मिशन के तहत उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर 18 दिनों तक रहकर वैज्ञानिक प्रयोगों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में अहम योगदान दिया। उनके साथ तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी थे। 22.5 घंटे की यात्रा &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p>अंतरिक्ष से भारत का मान बढ़ाकर लौटे शुभांशु शुक्ला ने मंगलवार को पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी की। एक्सिओम-4 (Axiom-4) मिशन के तहत उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर 18 दिनों तक रहकर वैज्ञानिक प्रयोगों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में अहम योगदान दिया। उनके साथ तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी थे।</p>



<p>22.5 घंटे की यात्रा के बाद सभी अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर आ रहा <strong>स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल</strong> अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट पर सफलतापूर्वक उतर गया। उतरते ही शुक्ला की मुस्कुराती तस्वीरें सामने आईं, जो अब पूरे देश में गर्व और प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं।</p>



<p>अंतरिक्ष से लौटते समय शुभांशु शुक्ला ने कहा:</p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p>&#8220;आज का भारत महत्&#x200d;वाकांक्षी दिखता है&#8230; निडर दिखता है&#8230; आश्वस्त दिखता है। इन सभी कारणों से मैं एक बार फिर कह सकता हूं कि आज का भारत अब भी &#8216;सारे जहां से अच्छा&#8217; दिखता है।&#8221;</p>
</blockquote>



<p>उनके इन शब्दों ने पूरे देश का दिल छू लिया और राकेश शर्मा की यादें भी ताजा कर दीं, जिन्होंने 1984 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरिक्ष में ‘सारे जहां से अच्छा’ कहा था।</p>



<h3 class="wp-block-heading"> <strong>मिशन की प्रमुख बातें</strong></h3>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>मिशन नाम:</strong> एक्सिओम-4</li>



<li><strong>अवधि:</strong> 18 दिन आईएसएस पर, 22.5 घंटे की वापसी यात्रा</li>



<li><strong>लैंडिंग स्थान:</strong> सैन डिएगो, कैलिफोर्निया</li>



<li><strong>टीम मेंबर:</strong> शुभांशु शुक्ला (भारत), पैगी व्हिटसन (कमांडर), पोलैंड व हंगरी के अन्य 2 यात्री</li>



<li><strong>वापसी के बाद:</strong> 10 दिनों का आइसोलेशन, फिर मेडिकल जांच और डि-ब्रीफिंग</li>
</ul>



<h3 class="wp-block-heading"> <strong>स्पेस से लौटते हुए क्या दिखा भारत?</strong></h3>



<p>शुभांशु ने बताया कि अंतरिक्ष से देखा गया भारत अब एक नया भारत है —</p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p>“भारत की रौशनी रात के समय अद्भुत लगती है, जैसे कोई ऊर्जा से भरी आत्मा हो। हिमालय शांत और शाश्वत दिखता है, और नदियां जैसे धरती की नाड़ी हों।”</p>
</blockquote>



<h3 class="wp-block-heading"> <strong>पहली तस्वीरें आईं सामने</strong></h3>



<p>ड्रैगन यान से बाहर आते वक्त शुभांशु शुक्ला के चेहरे पर गर्व की मुस्कान थी। कैमरे में कैद इस ऐतिहासिक पल में उनके चेहरे की चमक ने साफ कर दिया कि उन्होंने न सिर्फ खुद का, बल्कि पूरे भारत का सिर ऊंचा किया है</p>



<p>राकेश शर्मा के बाद, शुभांशु शुक्ला दूसरे भारतीय बने जिन्होंने किसी मानवयुक्त मिशन में सीधे हिस्सा लिया। यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए नई प्रेरणा का काम करेगा, खासतौर पर ऐसे समय में जब ISRO भी गगनयान जैसी बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा है।</p>
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		<title>भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने रचा इतिहास, Axiom-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की उड़ान</title>
		<link>https://newj9.com/archives/147906</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newj9]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Jun 2025 07:32:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Axiom-4 मिशन]]></category>
		<category><![CDATA[कमर्शियल स्पेस स्टेशन]]></category>
		<category><![CDATA[गगनयान मिशन]]></category>
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		<category><![CDATA[भारतीय अंतरिक्ष यात्री]]></category>
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		<category><![CDATA[शुभांशु शुक्ला]]></category>
		<category><![CDATA[स्पेसएक्स]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया जब भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर सफलतापूर्वक उड़ान भरी। यह मिशन अमेरिका की निजी कंपनी स्पेसएक्स और NASA का एक संयुक्त अभियान है, जिसे बुधवार दोपहर 12:01 बजे (IST) फाल्कन-9 रॉकेट के ज़रिए लॉन्च किया &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<p></p>



<p>भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया जब भारतीय अंतरिक्ष यात्री <strong>शुभांशु शुक्ला</strong> ने Axiom-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर सफलतापूर्वक उड़ान भरी। यह मिशन अमेरिका की निजी कंपनी <strong>स्पेसएक्स</strong> और <strong>NASA</strong> का एक संयुक्त अभियान है, जिसे बुधवार दोपहर 12:01 बजे (IST) <strong>फाल्कन-9 रॉकेट</strong> के ज़रिए लॉन्च किया गया।</p>



<h4 class="wp-block-heading">Axiom-4 मिशन: चार देशों की भागीदारी</h4>



<p>इस निजी स्पेस मिशन में भारत के अलावा <strong>अमेरिका, पोलैंड और हंगरी</strong> के अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं। यह Axiom Space का चौथा निजी मिशन है, जो 28 घंटे की यात्रा के बाद भारतीय समयानुसार गुरुवार शाम 4:30 बजे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचेगा।</p>



<h4 class="wp-block-heading">मिशन में क्या खास है?</h4>



<p>शुभांशु शुक्ला इस मिशन के दौरान <strong>माइक्रोग्रैविटी में वैज्ञानिक प्रयोग</strong> करेंगे। साथ ही वह नई तकनीकों की टेस्टिंग, कमर्शियल स्पेस स्टेशन की संभावनाओं पर रिसर्च और अंतरिक्ष में जीवों के व्यवहार जैसे अहम परीक्षण करेंगे। यह मिशन भारत के भविष्य के <strong>गगनयान प्रोग्राम</strong> के लिए भी बेहद उपयोगी अनुभव देगा।</p>



<h4 class="wp-block-heading">ड्रैगन कैप्सूल से हुई लॉन्चिंग</h4>



<p>स्पेसएक्स के <strong>ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट</strong> में सवार होकर चारों एस्ट्रोनॉट्स अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए। इसकी लॉन्चिंग नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से <strong>फाल्कन-9 रॉकेट</strong> के माध्यम से की गई। स्पेसक्राफ्ट 29 घंटे में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">शुभांशु शुक्ला का मिशन क्यों है खास?</h3>



<ul class="wp-block-list">
<li>भारतीय अंतरिक्ष यात्री की अंतरिक्ष में वापसी के रूप में ऐतिहासिक उड़ान</li>



<li>माइक्रोग्रैविटी में प्रयोगों से भविष्य के मिशन की तैयारी</li>



<li>कमर्शियल स्पेस स्टेशन की स्थापना का मार्ग प्रशस्त</li>



<li>लोगों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास</li>



<li>अंतरराष्ट्रीय सहयोग से साझा अनुभव और तकनीक साझा करने का मौका</li>
</ul>



<h3 class="wp-block-heading">शुभांशु शुक्ला क्या ले गए अंतरिक्ष?</h3>



<p>शुभांशु अपने साथ एक खास जीव <strong>टार्डिग्रेड (Tardigrade)</strong> को भी स्पेस में ले गए हैं, जिसे ‘<strong>जल भालू</strong>’ कहा जाता है। यह एक <strong>8 पैरों वाला सूक्ष्म जीव</strong> है, जो अत्यधिक रेडिएशन, तापमान और दबाव को झेल सकता है। टार्डिग्रेड <strong>सुपर हाइबरनेशन</strong> की स्थिति में 100 वर्षों तक जीवित रह सकता है और अंतरिक्ष जैसी विषम परिस्थितियों में जीवित रहने की क्षमता रखता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">इस मिशन से क्या हासिल होगा?</h3>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>स्पेस में टेक्नोलॉजी का परीक्षण</strong></li>



<li><strong>कमर्शियल स्पेस स्टेशन</strong> के लिए डेटा और रिसर्च</li>



<li><strong>मल्टी-नेशन एस्ट्रोनॉट कोऑपरेशन</strong></li>



<li><strong>गगनयान मिशन की तैयारी के लिए अहम अनुभव</strong></li>



<li><strong>जनजागरूकता और साइंटिफिक आउटरीच</strong></li>
</ul>



<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<p><strong>Axiom-4 मिशन</strong> भारत के लिए न केवल गर्व का विषय है, बल्कि यह अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में हमारी बढ़ती भूमिका का संकेत है। शुभांशु शुक्ला जैसे भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों की सफलता आने वाले वर्षों में भारत को अंतरिक्ष महाशक्ति बनाने की दिशा में एक और कदम है।</p>
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