फिजिकल टेस्ट में नया प्रयोग, होगा मैग्नेटिक बेल्ट और सेंसर वाले जूतों का इस्‍तेमाल

मुंबई: मुंबई पुलिस (Mumbai Police) अपनी भर्ती प्रकिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब तकनीकी समाधानों का इस्तेमाल करेगी. इस महीने के अंत में छाती के आकार को मापने के लिए चुंबकीय बेल्ट (Magnetic Belt) और जमीन पर मजबूती से पैर जमाने के लिए सेंसरयुक्त ऊंची एड़ी के जूते को फिजिकल एग्जाम (Physical Exam) यानी फिटनेस चेकिंग के दौरान शामिल किया जा सकता है. बता दें कि कांस्टेबल और ड्राइवर कांस्टेबल के 8,000 से अधिक पदों के लिए 7 लाख से अधिक आवेदक शारीरिक और लिखित परीक्षा में भाग लेने वाले हैं. इस प्रक्रिया में महीनों लगने की संभावना है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती अभियान पूरे राज्य में चल रहा है, लेकिन मुंबई पहली बार तकनीकी समाधानों को अपनाने वाला राज्य बनने जा रहा है. संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) एस जयकुमार और डीसीपी (मुख्यालय-द्वितीय) तेजस्वी सतपुते द्वारा इस अभ्यास की निगरानी की जाएगी. न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष नियोजित किए जाने वाले उपकरणों में चुंबकीय बेल्ट, सेंसर हील, रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टैग, प्रिज्म स्टिक और कई फोटो शामिल हैं.

क्यों इस्तेमाल होगा मैग्नेटिक टेप?
चुंबकीय टेप के बारे में बताते हुए एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि, भर्ती होने के लिए छाती का माप अक्सर महत्वपूर्ण साबित होता है. कुछ इंच के अंतर से अक्सर लोगों का सपना बिखर जाता है. सामान्य मापने वाले टेप के साथ, त्रुटि के लिए गुंजाइश होती है. माप इस बात पर निर्भर करता है कि टेप कितना कसा है या कितना ढीला है,इसलिए मैग्नेटिक टेप ज्यादा सटीक होगा. यहां कोई त्रुटि की संभावना भी नहीं होगी.

हाइट मापने के लिए सेंसर वाले जूते
ऊंचाई को मापते समय, आवेदक अक्सर अपने पैर की उंगलियों पर खड़े हो जाते हैं. अपनी एड़ी को इस तरह से ऊपर उठा लेते हैं कि आप उनकी चेटिंग पकड़ने में असफल हो सकते हैं, इसलिए अब सेंसर हील को रखा जाएगा. अब सटीकता से आवेदकों की उचाई भी मापी जा सकेगी. वहीं, दौड़ के दौरान आवेदकों की गति मापने के लिए पुलिस आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टैग का इस्तेमाल जारी रखेगी. दौड़ने वालों को आरएफआईडी टैग दिए जाएंगे, जो दूरी और समय को मापेंगे और कंप्यूटर पर जानकारी फीड करेंगे. पुरुषों को दो दौड़ में भाग लेना होता है, एक 1,600 मीटर और दूसरा 100 मीटर डैश और शॉट-पुट में भाग लेना होता है, वहीं महिलाओं को शॉट पुट के अलावा 800 मीटर और 100 मीटर दौड़ में भाग लेना होता है.

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शॉट पुट के लिए प्रिज्म स्टिक का इस्तेमाल किया जाएगा
अधिकारी ने बताया कि शॉट पुट के लिए थ्रो की दूरी मापने के लिए प्रिज्म स्टिक का इस्तेमाल किया जाएगा. प्रिज्म में एक सेंसर होगा, जिसके जरिए डेटाबेस तैयार होगा. भर्ती प्रक्रिया में दो राउंड शामिल हैं – शारीरिक परीक्षा, उसके बाद लिखित परीक्षा. लिखित परीक्षा के लिए मुंबई पुलिस को 7.03 लाख आवेदकों की सूची को कम करके 80,700 करना होगा.

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