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अब 90 पन्नों की रिपोर्ट खोलेगी विवादित केशव ग्रीन सिटी की कहानी-संयुक्त किसान मोर्चा

नदी, नाला, बंजर और राज्य सरकार के नाम दर्ज भूमि पर निर्मित है अवैध केशव ग्रीन सिटी- संयुक्त किसान मोर्चा

सीतापुर। सीतापुर खैराबाद महायोजना अंतर्गत 30 गाटा संख्याओं पर स्थापित केशव ग्रीन सिटी पूर्णतया अवैध है! यह बात संयुक्त किसान मोर्चा की सदस्य ऋचा सिंह ने जिलाधिकारी महोदय सीतापुर को इस प्रकरण में साक्ष्य व प्रमाण सहित ज्ञापन सौंपने के बाद कही! उन्होंने कहा कि सभी को पता है जी श्रेणी की जमीन पर आवासीय कालोनी का निर्माण नहीं हो सकता? फिर भी विगत दस वर्षों से केशव ग्रीन सिटी के प्रमोटर मुकेश अग्रवाल, उनके साथ विकास अग्रवाल, रजिस्ट्री ऑफिस के बाबू अतुल श्रीवास्तव और जिला प्रशासन की मिली भगत से आवासीय कालोनी का अवैध निर्माण कर प्लाट और मकानों की बिक्री होती आ रही है।

जबकि 29-01-2015 को तत्कालीन जिलाधिकारी लाल बिहारी पांडे की अध्यक्षता में नगर पालिका सीतापुर की बैठक में इन गाटाओं को आवासीय श्रेणी में परिवर्तन हेतु नगर एवं ग्राम नियोजन कार्यालय भेजा गया था। वहां से स्पष्ट रूप से पत्र द्वारा अवगत कराया गया था कि यह अनुमति शासन द्वारा होनी है। जो आज तक नहीं मिली,और धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया गया।

प्रश्न यह उठता है कि जी श्रेणी की छह हेक्टेयर वह जमीन कहां है?

सीतापुर। किसान मंच प्रदेश प्रभारी शिव प्रकाश सिंह ने कहा कि केशव ग्रीन सिटी में अंजू सिंह के आवास की रजिस्ट्री सूर्या इन्फ्रा डेवलपर्स (केशव ग्रीन सिटी) के अधिकृत हिस्सेदार मुकेश अग्रवाल द्वारा 07-11-2020 की गई, जबकि रजिस्ट्री के लिए उपरोक्त तिथि तक कोई मानचित्र स्वीकृति नहीं था? यही नही यह स्वीकृति कामर्शियल श्रेणी में दिनांक 13-04-2021 को की गई! सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय जे ई द्वारा कामर्शियल नक्शे पास होते रहे और फर्जी तरीके से मकानों- प्लाटो की अवैध बिक्री की जाती रही। बगैर लेआउट/ मानचित्र पास हुए ग्राम लक्ष्मनपुर में 5.941 हेक्टेयर और इलसिया ग्रंट में लगभग 3.1360 हेक्टेयर भूमि पर केशव ग्रीन सिटी स्थापित कर दी गई। साथ ही नियमों का खुला उलंघन कर षड्यंत्र के तहत कब्जा व निर्माण किया गया।

बिजली लाइन के नीचे बने पार्क

सीतापुर। संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक पिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि केशव ग्रीन सिटी में 132 केवी सीतापुर नेरी विद्युत लाइन के नीचे पार्क व वृक्षारोपण विद्युत सुरक्षा अधिनियम- 2003 का खुला उलंघन है, फिर भी किया गया। इस प्रकरण में अधिशासी अभियंता खंड सीतापुर द्वारा जारी नोटिस का संज्ञान भी नहीं लिया गया।

कॉलोनी में बंजर जमीन और सरकारी जमीन को भी गया बेचा

सीतापुर। किसान मंच महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष अल्पना सिंह ने कहा कि गाटा संख्या-680 में 0.466 हेक्टेयर बंजर,681/1 रकबा- 0.7650 जो राज्य सरकार के नाम दर्ज है,681/6 बंजर भूमि रकबा- 0.6800 है परंतु यह लापता जमीन कहां है? जिला प्रशासन को इसका संज्ञान लेना चाहिए। सिक्ख संगठन जिला अध्यक्ष गुरुपाल सिंह ने कहा पिरई नदी को नाले में तब्दील कर स्थापित की गई केशव ग्रीन सिटी पर अविलंब ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अन्यथा की स्थिति में संयुक्त किसान मोर्चा उपरोक्त प्रकरण में मा० मुख्यमंत्री महोदय से मुलाकात सहित आंदोलन के लिए बाध्य होगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में जितेंद्र मिश्रा, शिवम् सिंह , उत्तम मौर्या,जय प्रकाश सिंह, गुड्डी सिंह आदि उपस्थित थे।

डीएम ने दिए आदेश

मामले की जांच एडीएम सिटी मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर के जरिए कराई जाएगी और जल्द उचित कार्रवाई होगी- अनुज सिंह जिलाधिकारी सीतापुर

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