Sitapur: गन्ना समर्थन मूल्य घोषित न होने से किसान परेशान

सीतापुर। सरकार की ओर से इस पेराई सत्र में भी गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित न किये जाने से किसान मायूस हैं। गन्ना किसान चालू पेराई सत्र में गन्ने का मूल्य बढ़ने की उम्मीद लगाए थे। बढ़ोत्तरी तो दूर पेराई सत्र के दो माह बाद तक सरकार ने समर्थन मूल्य घोषित तक नहीं किया है। अंतिम बार सितंबर-2021 में गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित किया गया था। किसानों का कहना है, कि इस दरम्यान फसल की लागत में काफी इजाफा हो गया है। जबकि सरकार मूल्य बढ़ा नहीं रही है। ऐसे में किसानों की नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने गन्ना मूल्य 400 रुपये घोषित किए जाने की मांग सरकार से की है।
जिले में 3 लाख 45 हजार 938 गन्ना किसान हैं। यहां 2 लाख 19 हजार 876 हेक्टेयर में गन्ने की खेती की जा रही है। एक सहकारी जबकि चार निजी कंपनियों की चीनी मिलें संचालित हैं। वर्तमान में गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल है। गन्ने का समर्थन मूल्य पिछले पेराई सत्र में भी नहीं बढ़ाया गया था। गन्ना किसान आस लगाए थे, कि इस बार समर्थन मूल्य घोषित किया जाएगा तो कुछ बढ़ोत्तरी भी सरकार करेगी। लेकिन वर्तमान पेेराई सत्र के दो माह बीत गए और गन्ने का समर्थन मूल्य अब तक घोषित नहीं हुआ है। इससे किसान मायूस हैं। किसानों ने गन्ना मूल्य में 50 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किए जाने की मांग उठाई है।
गन्ने के दाम बढ़ाए जाएं
पिछले दो साल से सरकार ने गन्ने के दाम में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की है। उम्मीद थी कि इस वर्ष सरकार गन्ने का दाम बढ़ाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। किसान मायूस हैं। सरकार को गन्ने के दाम बढ़ाने चाहिए।
– सुरेश वर्मा, गन्ना किसान
घाटे का सौदा बन रही गन्ने की खेती
गन्ने की लागत में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके बावजूद समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी नहीं की जा रही। मूल्य नहीं बढ़ने से गन्ने की खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
– श्रवण कुमार, गन्ना किसान
50 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाए जाएं
समर्थन मूल्य पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। मजदूरी, रासायनिक खादों व डीजल के दामों में वृद्धि होने से लागत काफी बढ़ गई है। वर्तमान मूल्य में लागत तक निकल पाना मुश्किल है। 50 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाए जाएं।
– अनिल बाजपेई, गन्ना किसान
400 रुपए किया जाए मूल्य
सरकार अन्य वस्तुओं पर जैसे मूल्य बढ़ाती है, ऐसे ही गन्ने के रेट बढ़ाने चाहिए। चीनी व अन्य उत्पादों पर महंगाई बढ़ती जा रही है। गन्ना किसानों की लागत भी बढ़ती जा रही है। मूल्य 400 रुपए प्रति क्विंटल किए जाएं।

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