जिलाधिकारी 24 घंटे सीतापुर में ,बाकी अधिकारी लखनऊ में ! ऐसा क्यों ?

लखनऊ। राजधानी लखनऊ से सटे सीतापुर जनपद के अधिकारियों की भी अजब महिमा है ।यहां जिलाधिकारी 24 घंटे सीतापुर में रहते हैं बाकी अधिकारी लखनऊ में ।ऐसा हम नहीं कह रहे, ऐसा कहना है विभाग के कर्मचारियों का। यहां यदि शाम के बाद विभागों के अफसरों के आवास में उनकी उपस्थिति देखी जाए तो ना के बराबर ही दिखेगी।

मामला उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर का है। जो राजधानी लखनऊ से महज 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कम दूरी होने के कारण यहां के विभागीय अफसर इसका फायदा बड़ी आसानी से उठाते हैं ।सूत्रों की माने तो यहां विभाग के अफसर रोजाना अपनी ड्यूटी पर नहीं आते और यदि 1 दिन आते हैं तो 2 दिन की छुट्टी पर रहते हैं। जबकि सीतापुर के जिला अधिकारी 24 घंटे सीतापुर में उपस्थित रहते हैं। विभागों की बात करें तो शिक्षा विभाग,पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ विभाग, बाल पुष्टाहार विभाग, विकास विभाग, के अफसर रोजाना लखनऊ से अपडाउन करते हुए बड़ी आसानी से दिखाई पड़ जाएंगे और शाम होते ही वह लखनऊ की तरफ रवाना हो जाते हैं और यदि उनकी उपस्थिति की बात करें तो उनके ही विभाग के कर्मचारी सूत्रों की माने तो साहब एक या दो दिन लगातार अगर आ गए तो दोबारा अगले 2 दिन नहीं आते है। जबकि सीतापुर के जिलाधिकारी की बात करें तो सुबह 9 बजे से अपनी ड्यूटी पर वह अपने कार्यालय में आ जाते हैं और 24 घंटे अपने कर्तव्यों और दायित्वों का निर्वहन करने के लिए और जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए 24 घंटे सीतापुर में मौजूद रहते हैं। जबकि जिले के इंजीनियर, खंड विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अफसर,शिक्षा विभाग के अफसर रोजाना सैकड़ों लोग लखनऊ से आते हैं और लखनऊ में ही रहते हैं। ड्यूटी के बाद कोई भी अधिकारी जल्दी अपने आवास पर उपस्थित नहीं दिखाई देता है और शाम होते ही लखनऊ चले जाते हैं। अब सवाल उठता है कि योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं एवं उनकी नीति का कैसे ठीक तरह से क्रियान्वयन होगा जब जिलाधिकारी के अलावा अन्य अफसर अपने तैनाती के जिले में ही नही रुकते। अब देखना ये है कि जिलाधिकारी सीतापुर इस मामले में आखिर क्या कार्यवाही करते है   ?

Related Articles

Back to top button