पर्यटन

बाबा बर्फानी के दर्शन की तैयारी शुरू! अमरनाथ यात्रा 2026 का पूरा शेड्यूल जारी

भारत की सबसे पवित्र और आस्था से जुड़ी यात्राओं में से एक अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 9 अगस्त 2026 तक चलेगी। करीब 38 दिनों तक चलने वाली इस धार्मिक यात्रा में हर साल हजारों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर स्थित पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। यात्रा का आयोजन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा किया जाता है, जिसमें सुरक्षा और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाता है।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया कब और कैसे होगी?

अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकेंगे।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए आवेदन करना होगा। इसमें मोबाइल नंबर और ईमेल सत्यापन अनिवार्य रहेगा। साथ ही 8 अप्रैल 2026 के बाद जारी किया गया अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (CHC) और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करनी होगी।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकृत बैंक शाखाओं में आवेदन किया जा सकता है। यह प्रक्रिया “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर होगी। इसके लिए आधार कार्ड और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जरूरी होगा। साथ ही बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया जाएगा और प्रति व्यक्ति 150 रुपये शुल्क देना होगा।

RFID कार्ड अनिवार्य

यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए RFID कार्ड अनिवार्य किया गया है। यह कार्ड जम्मू-कश्मीर के निर्धारित केंद्रों से रजिस्ट्रेशन के बाद प्राप्त किया जाएगा। बिना RFID कार्ड के किसी भी प्रवेश बिंदु जैसे डोमेल या चंदनवाड़ी से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी।

कौन कर सकता है यात्रा?

अमरनाथ यात्रा के लिए आयु सीमा 13 से 70 वर्ष तय की गई है। गर्भवती महिलाओं, विशेषकर 6 सप्ताह से अधिक गर्भावस्था वाली महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाती। सभी श्रद्धालुओं के लिए अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य है।

यात्रा के दो मुख्य मार्ग

इस यात्रा के लिए दो प्रमुख मार्ग उपलब्ध हैं—

  • पहलगाम रूट: यह पारंपरिक मार्ग है, जिसकी दूरी लगभग 46 किलोमीटर है। यह अपेक्षाकृत लंबा लेकिन आसान माना जाता है।
  • बालटाल रूट: यह छोटा मार्ग है, जिसकी दूरी लगभग 14 किलोमीटर है, लेकिन यह थोड़ा कठिन माना जाता है।

जो श्रद्धालु पैदल यात्रा नहीं कर सकते, उनके लिए हेलीकॉप्टर सेवा की सुविधा भी उपलब्ध रहती है।

सुरक्षा और तैयारी जरूरी

यात्रा के दौरान मौसम और ऊंचाई को देखते हुए विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। श्रद्धालुओं के लिए टेंट, ठहरने की व्यवस्था और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, लेकिन गर्म कपड़े, स्वास्थ्य सुरक्षा और सही तैयारी बेहद जरूरी मानी जाती है।

अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, धैर्य और भक्ति का अद्भुत संगम है, जिसमें हर साल देशभर से श्रद्धालु शामिल होते हैं।

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