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पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान: पहले चरण में 92.9%

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग में इस बार इतिहास रच दिया गया है। 23 अप्रैल को हुए मतदान में राज्यभर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और कुल 92.9 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो आजादी के बाद राज्य का अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है।

हालांकि कुछ इलाकों में हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं, लेकिन इसके बावजूद वोटिंग में भारी भागीदारी ने चुनावी माहौल को खास बना दिया।

SIR प्रक्रिया के बाद पहला बड़ा चुनाव

यह चुनाव चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के बाद हो रहा पहला बड़ा चुनाव है। इस प्रक्रिया के तहत पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से करीब 11.63% नाम हटाए गए, जिनमें कुल लगभग 91 लाख वोटरों के नाम शामिल थे।

चुनाव आयोग के अनुसार, कई नाम इसलिए हटाए गए क्योंकि वे मृत पाए गए, स्थानांतरित हो चुके थे या एक से अधिक जगहों पर दर्ज थे।

जहां सबसे ज्यादा वोट कटे, वहां भी रिकॉर्ड वोटिंग

दिलचस्प बात यह रही कि जिन सीटों पर वोटर लिस्ट से सबसे ज्यादा नाम काटे गए थे, वहां भी मतदान बेहद ऊंचा रहा।

  • समसेरगंज (मुर्शिदाबाद): 96.03% मतदान
  • लालगोला: 96.45% मतदान
  • भगवानगोला: 96.95% मतदान
  • रघुनाथगंज: 96.9% मतदान
  • फरक्का: 96.05% मतदान

समसेरगंज सीट विशेष रूप से चर्चा में रही, जहां करीब 91,712 वोटरों के नाम हटाए गए थे, फिर भी वहां मतदान बेहद उच्च स्तर पर पहुंच गया।

समसेरगंज सीट का राजनीतिक महत्व

समसेरगंज विधानसभा क्षेत्र (संख्या 56) मालदा दक्षिण लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और यह एक अहम राजनीतिक सीट मानी जाती है। परिसीमन के बाद से यहां मुकाबला लगातार बदलता रहा है:

  • 2011 में CPI(M) की जीत
  • 2016 में TMC की बेहद करीबी जीत
  • 2021 में TMC की 26,000 से अधिक वोटों से बड़ी जीत

इस बार यहां TMC, कांग्रेस और बीजेपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।

2011 के बाद सबसे अधिक मतदान

पश्चिम बंगाल में इससे पहले सबसे अधिक मतदान प्रतिशत 2011 में 84.72% था, जब ममता बनर्जी ने CPI(M) के 34 साल के शासन का अंत किया था। इस बार यह रिकॉर्ड भी टूट गया।

  • महिला मतदान: 92.69%
  • पुरुष मतदान: 90.92%

SIR और राजनीतिक बहस

SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद भी देखने को मिला। कांग्रेस और TMC ने इस अभियान का विरोध किया, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और इसे NRC जैसी प्रक्रिया से जोड़कर देखा।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

TMC ने उच्च मतदान को जनता की जागरूकता और बीजेपी के खिलाफ जनादेश बताया। पार्टी ने कहा कि लोगों ने “अपने भविष्य की सुरक्षा” के लिए बड़ी संख्या में मतदान किया।

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में “TMC के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का दौर खत्म हो रहा है।”

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