पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही विपक्ष का हमला, अखिलेश यादव ने कहा…

देश में शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। इसी दिन Narendra Modi पांच दिनों के विदेश दौरे पर रवाना हुए, जिसे लेकर विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया।
इमरान प्रतापगढ़ी का तंज
कांग्रेस नेता Imran Pratapgarhi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “उधर मोदी जी विदेश यात्रा पर गए और इधर देश को पेट्रोल और डीजल की महंगाई का तोहफा देकर गए।”
उन्होंने चुनावी माहौल का जिक्र करते हुए तंज कसा कि “काश अभी तक चुनाव चल रहे होते तो पेट्रोल-डीजल महंगा ना होता।”
अखिलेश यादव बोले- ‘साइकिल ही विकल्प’
समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है।”
उनका यह बयान पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर आम लोगों की परेशानी से जोड़कर देखा जा रहा है।
डेरेक ओ’ब्रायन ने केंद्र पर साधा निशाना
Derek O’Brien ने भी ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “पहले वे आपके वोट लेते हैं, फिर वहीं चोट पहुंचाते हैं जहां सबसे ज्यादा दर्द होता है।”
उन्होंने पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला और सवाल किया कि क्या अब पश्चिम बंगाल सरकार VAT कम करेगी।
प्रियंका चतुर्वेदी ने पूछा सवाल
Priyanka Chaturvedi ने रुपये में गिरावट और ईंधन की कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “रुपया, डीजल और पेट्रोल… सबसे पहले सेंचुरी कौन लगाएगा?”
साथ ही उन्होंने मुंबई की “ट्रिपल इंजन सरकार” पर भी कटाक्ष किया।
कांग्रेस का आरोप- ‘चुनाव खत्म और वसूली शुरू’
Indian National Congress ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि “पीएम मोदी ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया। पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपये महंगा कर दिया गया। वहीं CNG के दाम भी 2 रुपये बढ़ा दिए गए। चुनाव खत्म और वसूली शुरू।”
दूध भी हुआ महंगा
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से पहले ही आम लोगों को महंगाई का झटका लग चुका था। देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों Amul और Mother Dairy ने बुधवार को दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी का ऐलान किया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल और दूध की बढ़ती कीमतों का सीधा असर घरेलू बजट और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ सकता है।




