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Weather Alert: उत्तर भारत में आंधी-बारिश का कहर, कई राज्यों में अगले कुछ दिन तक खराब मौसम का अनुमान

इस सप्ताह उत्तर भारत में आंधी, बारिश और तेज हवाओं ने कई राज्यों में तबाही जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रहेगा।

बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र, चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि:

  • बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में बादल छाए रहेंगे
  • कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है
  • तेज हवाएं और आंधी चलने की भी संभावना है

वहीं जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और तेज हवाओं का असर रहेगा।

उत्तर-पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम?

अगले दो दिनों तक मौसम काफी सक्रिय रहने की संभावना है।

  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश
  • पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बारिश
  • कुछ इलाकों में 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम और खराब रह सकता है:

  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश
  • अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना

पूर्वी भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम

  • बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में बारिश
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान
  • अंडमान-निकोबार में भी बारिश की संभावना

मध्य और दक्षिण भारत में भी बारिश का असर

  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश
  • महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी बारिश के आसार
  • कोंकण-गोवा और लक्षद्वीप में भी मौसम खराब रह सकता है

तापमान में भी उतार-चढ़ाव

  • उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है
  • पूर्वी भारत में हल्की बढ़ोतरी
  • महाराष्ट्र में तापमान में गिरावट के आसार

मानसून को लेकर अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार इस साल मानसून केरल में 26 मई के आसपास दस्तक दे सकता है। हालांकि इसमें कुछ दिनों का अंतर संभव है।

इस बार मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है, जिसकी वजह अल नीनो की स्थिति को माना जा रहा है।

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