उत्तर प्रदेश

लखनऊ में वकीलों के चैंबर पर बुलडोजर कार्रवाई पर विवाद, अखिलेश यादव ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वजीरगंज क्षेत्र में नगर निगम ने कथित अवैध वकीलों के चैंबरों पर कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की गई बताई जा रही है।

अभियान के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

विरोध प्रदर्शन और पुलिस का हल्का बल प्रयोग

कार्रवाई के दौरान कुछ अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस का कहना है कि कुछ “उपद्रवी तत्वों” ने अभियान में बाधा डालने की कोशिश की थी, जिन्हें हटाकर कार्रवाई पूरी की गई।

अखिलेश यादव का सरकार पर हमला

इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तस्वीर साझा करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान एक वकील के हाथ में Ramcharitmanas थी और उसके सामने पुलिस लाठी लिए खड़ी थी।

अखिलेश यादव ने इस घटना को “अन्याय” बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वकीलों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने यह भी मांग की कि कथित लाठीचार्ज में घायल अधिवक्ताओं का मुफ्त इलाज कराया जाए।

“भाजपा अधर्मी है” — सपा प्रमुख का आरोप

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि सरकार का रवैया “अधर्मी” है और आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष की प्राथमिकता जनहित नहीं बल्कि अन्य उद्देश्य हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में सौहार्द और मर्यादा का अपमान किया जा रहा है।

प्रशासन का पक्ष

पुलिस और प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई अदालत के आदेशों के तहत अतिक्रमण हटाने के लिए की गई थी। अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार हुई।

राजनीतिक बयानबाज़ी तेज

इस घटना के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासन इसे न्यायालय के आदेशों का पालन बता रहा है।

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