ईरान-अमेरिका सीजफायर के बाद भी तनाव बरकरार, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का बड़ा बयान

मिडिल ईस्ट में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया गया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद हालात फिर बिगड़ गए।
इस बीच इजरायल की ओर से लेबनान और तेहरान पर बड़े हमले किए गए, जिससे युद्धविराम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का बड़ा बयान
सीजफायर को लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी बीच मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच यह युद्धविराम अंतिम चरण तक पहुंचता नजर नहीं आ रहा। उनके अनुसार, अभी हालात पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं और शांति स्थापित होने में समय लग सकता है।
नोबेल पुरस्कार पर क्या बोले?
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि अगर यह युद्धविराम पूरी तरह सफल होता है और पाकिस्तान इसमें सकारात्मक भूमिका निभाता है, तभी नोबेल शांति पुरस्कार पर विचार किया जा सकता है।
उन्होंने साफ कहा कि अभी इस तरह की बात करना जल्दबाजी होगी, क्योंकि जमीनी स्तर पर संघर्ष जारी है।
इस्लामाबाद वार्ता पर उठे सवाल
इस्लामाबाद में होने वाली ईरान-अमेरिका वार्ता को लेकर भी उन्होंने अनिश्चितता जताई।
उनका कहना है कि इस बैठक पर “धुंधले बादल” छाए हुए हैं और अभी यह कहना मुश्किल है कि इसका क्या नतीजा निकलेगा।
जेडी वेंस का बयान: बातचीत को लेकर उम्मीद
इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस वार्ता में शामिल होने के लिए पाकिस्तान रवाना हो चुके हैं।
रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि अगर ईरान ईमानदारी से बातचीत करता है, तो अमेरिका सकारात्मक रुख अपनाने को तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह के धोखे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या आगे बढ़ेगी शांति प्रक्रिया?
सीजफायर के बावजूद जारी हमलों और राजनीतिक बयानों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता कोई ठोस समाधान निकाल पाएगी या नहीं।




