ईरान-अमेरिका तनाव पर चीन की एंट्री, शी जिनपिंग ने दिया शांति का 4 सूत्रीय फॉर्मूला

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Xi Jinping ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। यूएई के क्राउन प्रिंस से मुलाकात के दौरान उन्होंने ईरान-अमेरिका टकराव को लेकर शांति की अपील की और एक 4 सूत्रीय फॉर्मूला भी पेश किया। यह बयान ऐसे समय आया है जब Iran और United States के बीच तनाव कम कराने की कोशिशें अब तक सफल नहीं हो पाई हैं।
जिनपिंग का 4 सूत्रीय शांति फॉर्मूला
चीन के राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि संवाद ही इस संकट का एकमात्र समाधान है। उन्होंने शांति बहाली के लिए ये चार अहम सुझाव दिए:
- तुरंत हमले बंद हों
जिनपिंग ने कहा कि दुनिया को “जंगलराज” की ओर नहीं लौटना चाहिए। ताकतवर देशों को संयम बरतते हुए सभी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकना चाहिए। - ईरान की संप्रभुता का सम्मान
उनके अनुसार Iran की सरकार को स्वीकार करना जरूरी है। बिना मान्यता दिए किसी भी समाधान की उम्मीद नहीं की जा सकती। - खाड़ी देशों में आपसी टकराव रुके
जिनपिंग ने चेतावनी दी कि खाड़ी क्षेत्र के देशों को एक-दूसरे पर हमले या साजिशों से बचना चाहिए, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं। - संवाद से स्थायी समाधान
उन्होंने जोर दिया कि दबाव या ताकत के जरिए शांति नहीं लाई जा सकती, बल्कि बातचीत और कूटनीति ही स्थायी रास्ता है।
क्यों अहम है चीन का बयान?
यह पहली बार है जब मौजूदा संकट के बीच Xi Jinping ने खुलकर अपनी राय रखी है। चीन को Iran का करीबी सहयोगी माना जाता है और वह अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद उससे तेल खरीदता रहा है।
वहीं, Donald Trump का प्रस्तावित चीन दौरा भी इस पूरे घटनाक्रम को और अहम बना देता है। ऐसे में जिनपिंग की यह पहल कूटनीतिक स्तर पर बड़ा संकेत मानी जा रही है।
पहले भी नाकाम रही हैं कोशिशें
इससे पहले पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों ने भी मध्यस्थता की कोशिश की थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। यहां तक कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत भी बेनतीजा रही।
अब नजर इस बात पर है कि क्या चीन की पहल से Iran और United States के बीच तनाव कम हो पाएगा या नहीं।




