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सतुआन 2026: परंपरा, सेहत और स्वाद का अनोखा संगम, जानें इस दिन क्या-क्या बनता है खास

हर साल 14 अप्रैल को मनाया जाने वाला सतुआन न सिर्फ एक पारंपरिक त्योहार है, बल्कि यह मौसम, खान-पान और सेहत से गहराई से जुड़ा हुआ है। इसे गर्मी की शुरुआत और नई फसल के स्वागत का प्रतीक माना जाता है। खासतौर पर चना और जौ की फसल आने की खुशी में यह पर्व मनाया जाता है।

इस दिन मेष संक्रांति भी होती है, जो मौसम परिवर्तन का संकेत देती है। यही वजह है कि इस मौके पर शरीर को ठंडक देने वाले और पौष्टिक भोजन बनाए और खाए जाते हैं।

सतुआन पर बनते हैं ये खास व्यंजन

1. सत्तू चोखा
चना सत्तू में प्याज, हरी मिर्च, नमक, नींबू और सरसों का तेल मिलाकर तैयार किया गया चोखा बेहद स्वादिष्ट और हेल्दी होता है। यह शरीर को ठंडा रखने के साथ प्रोटीन भी देता है।

2. आम का टिकोरा
कच्चे आम (अमिया) से बनने वाला टिकोरा इस दिन खास तौर पर खाया जाता है। इसमें हरी मिर्च, धनिया, नमक और गुड़ मिलाकर चटपटा स्वाद तैयार किया जाता है, जो लू से बचाने में मदद करता है।

3. सत्तू का शरबत
इस पर्व पर सत्तू का मीठा और नमकीन दोनों तरह का शरबत बनाया जाता है। नमकीन शरबत में जीरा, नींबू, प्याज और मसाले डाले जाते हैं, जबकि मीठे में गुड़ या चीनी का इस्तेमाल होता है।

4. जिरवानी (छाछ)
छाछ को पाचन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसे सत्तू के साथ मिलाकर या अलग से पिया जाता है, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है।

5. सत्तू के लड्डू और बर्फी
सत्तू, घी, गुड़ और ड्राई फ्रूट्स से बने लड्डू और बर्फी इस दिन ऊर्जा देने वाले खास पकवान होते हैं।

इसके अलावा भी बनते हैं ये पकवान

सतुआन के दिन लिट्टी-चोखा, आम पन्ना, खीरा-प्याज का सलाद, सत्तू पराठा और सत्तू मुठिया जैसी पारंपरिक डिशेज भी बनाई जाती हैं।

सेहत और परंपरा का मेल

सतुआन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि यह हमारे पूर्वजों की उस समझ को दर्शाता है जिसमें मौसम के अनुसार खान-पान बदलने की सलाह दी गई है। गर्मी की शुरुआत में सत्तू, छाछ और कच्चे आम जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा भी देते हैं।

इस तरह सतुआन परंपरा, स्वाद और सेहत का बेहतरीन संगम बनकर हर साल लोगों के जीवन में ताजगी लेकर आता है।

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