TCS नासिक ब्रांच विवाद: धर्म, उत्पीड़न और कथित नेटवर्क के आरोपों से मचा हड़कंप

नासिक (महाराष्ट्र) – Tata Consultancy Services (TCS) की नासिक ब्रांच से जुड़ा एक मामला इन दिनों सुर्खियों में है। इसमें धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां, यौन शोषण और कथित धर्मांतरण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच तेज हो गई है और कई चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ताओं ने एक कथित नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें कुछ सीनियर स्टाफ और एक HR मैनेजर के शामिल होने का आरोप है। बताया जा रहा है कि ये लोग ट्रेनिंग टीम से जुड़े थे और नए कर्मचारियों की निजी जानकारी तक उनकी पहुंच थी।
कैसे चुने जाते थे ‘टारगेट’?
जांच में सामने आया है कि आरोपी ऐसे कर्मचारियों को निशाना बनाते थे:
- जो आर्थिक रूप से कमजोर हों
- जिनके परिवार में विवाद चल रहा हो
इन परिस्थितियों का फायदा उठाकर उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी।
ट्रेनिंग सेशन में आपत्तिजनक टिप्पणियों का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, ट्रेनिंग के दौरान हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बातें कही जाती थीं। जब कोई कर्मचारी इससे आहत होता, तो कथित तौर पर HR मैनेजर निदा खान उससे संपर्क कर भरोसा जीतने की कोशिश करती थीं।
इसके बाद धीरे-धीरे व्यक्ति पर:
- जीवनशैली बदलने
- पहनावे में बदलाव
- धार्मिक सोच बदलने
का दबाव बनाया जाता था।
चौंकाने वाला मामला
जांच में एक ऐसा मामला भी सामने आया है, जिसमें एक महिला कर्मचारी कथित तौर पर इतनी प्रभावित हुई कि उसने अपने परिवार से विवाद कर लिया और घर में रखी देवी-देवताओं की तस्वीरें तक हटा दीं।
व्हाट्सऐप ग्रुप से मिले सुराग
जांच एजेंसियों को एक कथित व्हाट्सऐप ग्रुप की जानकारी भी मिली है, जहां:
- संभावित ‘टारगेट्स’ पर चर्चा होती थी
- कर्मचारियों की धार्मिक सोच पर बात की जाती थी
- कंपनी के अंदर की गतिविधियों को लेकर बातचीत होती थी
अब तक की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में अब तक 7 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसीफ अत्ता जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच जारी, कई सवाल बाकी
फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की गहराई से जांच कर रही है। अभी तक कंपनी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
यह मामला संवेदनशील होने के कारण कई सवाल खड़े कर रहा है—क्या यह वास्तव में एक संगठित नेटवर्क था या आरोपों की प्रकृति कुछ और है, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
निष्कर्ष
Tata Consultancy Services जैसी बड़ी आईटी कंपनी से जुड़ा यह मामला गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे इस पूरे विवाद की सच्चाई सामने ला सकते हैं।




