इकरा हसन का लोकसभा में बड़ा बयान, ‘केंद्र सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और परिसीमन (डीलिमिटेशन) एवं जनगणना से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कैराना से सांसद इकरा हसन ने इस मुद्दे पर अपनी पार्टी के रुख से आगे बढ़ते हुए कई नई मांगें भी रखीं।
‘अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए अलग कोटा’ की मांग
लोकसभा में चर्चा के दौरान इकरा हसन ने कहा कि महिला आरक्षण के भीतर अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के लिए भी अलग प्रावधान होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि—
- धार्मिक अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए विशेष कोटा (सब-कोटा) बनाया जाए
- ओबीसी और वंचित वर्ग की महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की व्यवस्था हो
- चुनावी खर्च में राज्य की ओर से सहयोग दिया जाए
सरकार पर गंभीर आरोप
इकरा हसन ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को लेकर स्पष्ट नीति नहीं अपना रही है और इसे परिसीमन व जनगणना जैसे मुद्दों के साथ जोड़कर उलझा रही है।
उन्होंने कहा कि—
- महिला आरक्षण पहले ही संसद से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है
- अब इसे राजनीतिक प्रक्रिया से जोड़ना महिलाओं के अधिकारों के साथ “धोखा” है
लागू होने की समय-सीमा पर सवाल
सांसद इकरा हसन ने यह भी कहा कि सरकार की ओर से आरक्षण लागू होने की समय-सीमा को लेकर लगातार विरोधाभासी बयान दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि—
- पहले इसे 2034 के बाद लागू करने की बात कही गई
- अब इसे 2029 में लागू करने की चर्चा हो रही है
‘स्मार्ट मूव’ माना जा रहा बयान
राजनीतिक हलकों में इकरा हसन के इस बयान को उनके पार्टी नेतृत्व से एक कदम आगे बढ़कर उठाया गया “स्मार्ट राजनीतिक दांव” माना जा रहा है। उन्होंने महिला आरक्षण को केवल कोटे तक सीमित न रखते हुए सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व के व्यापक मुद्दे से जोड़ दिया।



