ग्रेटर नोएडा में श्रम विभाग का सख्त एक्शन: 203 ठेकेदारों पर 1.16 करोड़ का नोटिस

ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों के वेतन विवाद और हिंसक प्रदर्शनों के बाद श्रम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ठेकेदारों (संविदाकारों) पर शिकंजा कस दिया है।
श्रम विभाग की जांच में सामने आया कि कई ठेकेदारों ने श्रमिकों को उनके अधिकारों के अनुरूप लाभ नहीं दिया। इसके चलते 24 कंपनियों से जुड़े 203 ठेकेदारों को कुल 1,16,05,067 रुपये का नोटिस जारी किया गया है।
जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
गौतमबुद्ध नगर के अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी के मुताबिक, जांच में पाया गया कि ठेकेदारों ने श्रम कानूनों का उल्लंघन करते हुए श्रमिकों को पूरा भुगतान और सुविधाएं नहीं दीं।
इसके आधार पर विभाग ने:
- लाइसेंस निरस्त करने
- बकाया धनराशि की वसूली
- संबंधित फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने
की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वेतन कटौती और देरी पर भी सख्ती
श्रम विभाग ने साफ किया है कि:
- गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में श्रमिकों के वेतन में 21% बढ़ोतरी लागू की गई है
- हर महीने की 10 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य होगा
- पीएफ और ईएसआई के अलावा किसी भी तरह की कटौती नहीं की जा सकेगी
अगर इन नियमों का उल्लंघन हुआ तो संबंधित ठेकेदारों और कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हिंसक प्रदर्शन के बाद बढ़ी सख्ती
गौरतलब है कि हाल ही में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वेतन बढ़ोतरी को लेकर श्रमिकों ने हिंसक प्रदर्शन किए थे। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध थी, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया।




