बालाजीपुरम में 6 महीने में ही धंसी सड़क, निर्माण कार्य पर उठे सवाल

Agra के बालाजीपुरम इलाके में विकास कार्यों की पोल खुल गई है। जीएल पब्लिक स्कूल के सामने बनी सड़क महज छह महीने में ही धंस गई, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई है। मामले को लेकर अब निर्माण गुणवत्ता और संभावित भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
कैसे सामने आया मामला?
स्थानीय लोगों के अनुसार:
- 6 महीने पहले करीब ₹50 लाख की लागत से सड़क बनाई गई थी
- सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया
- नीचे से लगातार पानी रिसाव हो रहा है
इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि या तो सीवर लाइन या गंगाजल पाइपलाइन में गंभीर लीकेज है।
नगर निगम की कार्रवाई पर विवाद
रविवार को नगर निगम और जलकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गड्ढे को मलबे से भरने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के बाद काम रोकना पड़ा।
लोगों का आरोप है कि अधिकारी:
- समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय सिर्फ लीपापोती कर रहे हैं
- बिना लीकेज ठीक किए सड़क भरने की कोशिश की जा रही है
नेताओं और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मौके पर पहुंचे भाजपा नेता केके भारद्वाज ने कहा कि जब तक लीकेज ठीक नहीं होती, तब तक मरम्मत का कोई फायदा नहीं है।
नगर निगम के जेई ने कहा कि:
- जब तक जलकल विभाग रिसाव ठीक नहीं करता
- तब तक सड़क निर्माण संभव नहीं है
वहीं जलकल विभाग ने आश्वासन दिया कि मरम्मत कार्य बुधवार से शुरू होगा।
स्थानीय लोगों की नाराजगी
स्थानीय निवासी अशोक सिंह ने आरोप लगाया कि:
- नगर निगम और जलकल विभाग में तालमेल की कमी है
- इसका सीधा खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है
- अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो पूरी सड़क धंस सकती है
जांच और भ्रष्टाचार के सवाल
इस घटना ने एक बार फिर Agra में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और खर्च किए गए सरकारी धन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों का कहना है कि:
- निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी हुई
- जिम्मेदार विभाग सिर्फ बचाव में लगे हैं
- भ्रष्टाचार की जांच जरूरी है
निष्कर्ष
Agra के बालाजीपुरम में सड़क धंसने की घटना ने शहरी विकास कार्यों की वास्तविकता उजागर कर दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन सिर्फ मरम्मत तक सीमित रहता है या फिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होती है।




