उत्तर प्रदेश

लखनऊ में 69,000 शिक्षक भर्ती पर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन: भीषण गर्मी में ‘रेंगते हुए’ पहुंचे मंत्री आवास

उत्तर प्रदेश की 69,000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर सोमवार (18 मई, 2026) को लखनऊ में बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।

इस दौरान प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने भीषण गर्मी में सड़क पर रेंगते हुए अपना विरोध दर्ज कराया, जिससे पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में ध्यान खींचा।

“31वीं तारीख की सुनवाई, लेकिन कोई पैरवी नहीं” — अभ्यर्थियों का आरोप

अभ्यर्थियों का कहना है कि मामले की अगली सुनवाई 31 मई को होनी है, लेकिन सरकार की ओर से अदालत में प्रभावी पैरवी नहीं की जा रही है। उनका आरोप है कि संबंधित विभाग उनके मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहा है।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने मांग की कि भर्ती विवाद का जल्द समाधान निकाला जाए और अदालत में मजबूत पक्ष रखा जाए, ताकि लंबे समय से अटकी प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

“हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा” — अभ्यर्थियों की भावनाएं

एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि उनकी स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और वे खुद को “कीड़े-मकड़ों से भी बदतर हालात” में महसूस कर रहे हैं। एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि पिछले छह वर्षों से वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब भी समाधान नहीं मिला।

उनका कहना है कि मौसम चाहे गर्मी हो, सर्दी या बारिश—उनके संघर्ष पर कोई असर नहीं पड़ा है, क्योंकि उनके पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है।

पुलिस ने रोका, मंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोका गया

प्रदर्शनकारी बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास की ओर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।

पृष्ठभूमि में लंबा विवाद

69,000 शिक्षक भर्ती मामला पिछले कई वर्षों से विवादों और कानूनी प्रक्रियाओं में फंसा हुआ है। अभ्यर्थियों का कहना है कि देरी के कारण उनकी उम्र और अवसर दोनों प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उनका आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।

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