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लखनऊ के स्वाद को मिली विश्व स्तर पर पहचान, यूनेस्को ने दी ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ की उपाधि

लखनऊ: नवाबी तहज़ीब, शाही अंदाज़ और लजीज़ पकवानों के लिए मशहूर लखनऊ ने अब दुनिया के नक्शे पर भी अपनी पहचान पक्की कर ली है।यूनेस्को (UNESCO) ने राजधानी लखनऊ को उसकी समृद्ध पाककला विरासत (Culinary Heritage) के लिए ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ की सूची में शामिल किया है।यह सम्मान न सिर्फ लखनऊ के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण है।

यूनेस्को ने जोड़ा लखनऊ को अपनी रचनात्मक शहरों की सूची में

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की महानिदेशक ऑड्रे अजोले ने शुक्रवार (31 अक्टूबर) को 58 नए शहरों के नामों की घोषणा की, जिन्हें यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क (UCCN) में जोड़ा गया है।
अब यह नेटवर्क 100 से अधिक देशों के 400 से ज्यादा शहरों तक फैल चुका है।

इस सूची में उन शहरों को स्थान दिया जाता है जो संस्कृति, कला और रचनात्मकता को विकास का आधार बनाते हैं।
लखनऊ को यह सम्मान ‘गैस्ट्रोनॉमी (Gastronomy)’ यानी पाककला की श्रेणी में मिला है।

लखनऊ की रसोई का स्वाद अब दुनिया तक पहुंचा

लखनऊ की पहचान उसके अवधी व्यंजनों से है — चाहे वह गलगप्पे की चटपटी चाट हो, तुंदे कबाबी का कबाब, निहारी, कोरमा या लखनवी बिरयानी। यह स्वाद अब यूनेस्को के मंच पर पहुंच गया है।

भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लिखा —“भारत के लिए यह गर्व का क्षण है कि लखनऊ की पाककला विरासत को यूनेस्को ने वैश्विक मान्यता दी है। यह घोषणा विश्व नगर दिवस (World Cities Day) पर की गई, जिससे यह उपलब्धि और खास बन गई।

यूनेस्को ने कही अहम बात — “संस्कृति है प्रगति की कुंजी”

यूनेस्को की महानिदेशक ऑड्रे अजोले ने कहा,“क्रिएटिव सिटीज यह दिखाती हैं कि संस्कृति केवल परंपरा नहीं, बल्कि विकास का एक सशक्त माध्यम है। ये शहर स्थानीय पहलों को बढ़ावा देते हैं, निवेश को आकर्षित करते हैं और सामाजिक एकता को मजबूत बनाते हैं।”

यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क, जिसकी शुरुआत वर्ष 2004 में हुई थी, का उद्देश्य दुनिया भर में ऐसे शहरों को जोड़ना है जो कला, नवाचार और संस्कृति के माध्यम से रोजगार और सतत विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।

दुनिया के इन शहरों को भी मिला स्थान

लखनऊ के साथ-साथ इस साल यूनेस्को ने कई अन्य शहरों को भी शामिल किया है —

  • संगीत (Music) के लिए — न्यू ऑरलियंस (अमेरिका) और किसुमु (केन्या)
  • डिजाइन (Design) के लिए — रियाद (सऊदी अरब)
  • पाककला (Gastronomy) के लिए — मातोसिन्होस (पुर्तगाल) और कुएनका (इक्वाडोर)
  • फिल्म (Film) के लिए — गीजा (मिस्र)
  • साहित्य (Literature) के लिए — एबरिस्टविथ (ब्रिटेन)

इन नामों के बीच लखनऊ का चुना जाना भारत के संस्कृति और खानपान की वैश्विक मान्यता को दर्शाता है।

भारत की पाक विरासत का गौरव

लखनऊ का यह सम्मान भारत की “सॉफ्ट पावर” को मज़बूती देता है।यह दिखाता है कि भारतीय व्यंजन केवल स्वाद नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और परंपरा का हिस्सा हैं। अब लखनऊ की गलियों की खुशबू, कबाबों का जायका और मिठाइयों की मिठास दुनिया के हर कोने तक पहुंच चुकी है।

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