लखनऊ की डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी के बाद 200 डॉक्टर एजेंसियों की रडार पर

दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार ब्लास्ट और फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की जाँच में जुट गई हैं। लखनऊ की डॉ. शाहीन और अन्य डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस, आईबी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है।
एजेंसियों की रडार पर 200 डॉक्टर और मेडिकल स्टूडेंट
सूत्रों का दावा है कि उत्तर प्रदेश में कार्यरत करीब 200 डॉक्टर और मेडिकल छात्र अब जांच एजेंसियों की निगरानी में हैं। इनमें कश्मीरी मूल के डॉक्टर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
डॉ. शाहीन कथित तौर पर 30–40 डॉक्टरों से संपर्क में थी, जिनमें लखनऊ, कानपुर, सहारनपुर और अन्य शहरों के डॉक्टर शामिल बताए जाते हैं। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इनमें से किसी ने किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि में भूमिका निभाई है या नहीं।
डॉ. शाहीन के नेटवर्क की जांच
फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार डॉ. शाहीन के बारे में सूत्रों का कहना है कि उसका नेटवर्क पाकिस्तान सहित कई देशों तक फैला हुआ था और उसके संपर्क में पाकिस्तानी सेना के एक डॉक्टर तथा कश्मीरी मूल के मेडिकल छात्र भी थे।
इसी कड़ी में एटीएस की एक टीम श्रीनगर जाने की तैयारी में है, ताकि डॉ. शाहीन के संपर्कों की वास्तविकता की जांच की जा सके।
सहारनपुर के डॉ. अदील की शादी पर भी नजर
दूसरी ओर, जांच एजेंसियां सहारनपुर से गिरफ्तार डॉ. अदील के संपर्कों की भी गहन पड़ताल कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार—
- डॉ. अदील की 4 अक्टूबर को शादी हुई थी।
- इस शादी में कई डॉक्टर और अस्पतालों के स्टाफ़ शामिल हुए थे।
- एजेंसियों ने कार्यक्रम में शामिल लोगों की एक सूची तैयार कर ली है, जिनसे पूछताछ की जा सकती है।
दिल्ली ब्लास्ट का संदर्भ
10 नवंबर की शाम दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास चलती कार में विस्फोट हुआ था। धमाका इतना तेज था कि कई वाहन इसकी चपेट में आ गए। कार में मौजूद डॉ. उमर की मौके पर ही मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद ही फरीदाबाद और यूपी में कार्रवाई तेज हुई और कई गिरफ्तारी हुईं।
जाँच जारी, किसी भी नतीजे पर पहुँचना अभी जल्दबाज़ी
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह एक संवेदनशील और बहुस्तरीय जांच है, जिसमें अभी कई पहलुओं की पुष्टि की जानी बाकी है। फिलहाल सभी मेडिकल पेशेवरों के संबंधों की सिर्फ सत्यापन और पूछताछ के स्तर पर जांच की जा रही है।


