DDA ने अरावली में CAPFIMS सड़क निर्माण के लिए 473 पेड़ काटने की मांग की, SC ने इजाजत टाल दी

नई दिल्ली: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अरावली क्षेत्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल चिकित्सा संस्थान (CAPFIMS) के लिए सड़क निर्माण के लिए 473 पेड़ काटने की अनुमति मांगते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सोमवार (5 जनवरी) को हुई सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने फिलहाल पेड़ों को काटने की अनुमति देने से इंकार कर दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी 2026 को होगी।
SC का कड़ा रुख
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान DDA से पूछा कि जो 116,000 पेड़ लगाने का दावा किया गया था, उनका क्या हुआ। CJI जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि जब तक पिछले निर्देशों का अनुपालन रिपोर्ट नहीं आएगा, पेड़ काटने की नई अनुमति नहीं दी जाएगी।
CJI ने कहा:
“हम जल्दबाजी में कुछ भी नहीं होने देंगे। अस्पताल की जरूरत अहम है, लेकिन पर्यावरण की अनदेखी नहीं की जा सकती।”
DDA और वरिष्ठ वकीलों की सफाई
वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने बताया कि चारदीवारी का निर्माण पूरा हो चुका है और 28 फरवरी तक सड़क का काम पूरा हो जाएगा। इस पर CJI ने कहा कि अनुपालन रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य है, और केवल दावा करने से काम नहीं चलेगा।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक दिन में एक लाख से अधिक पेड़ नहीं लगाए जा सकते, और जमीनी कार्रवाई दिखानी होगी। कोर्ट ने DDA से कहा कि मौके पर हुई पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
अगली सुनवाई
बेंच में मौजूद जस्टिस संदीप मेहता ने सड़कों के चौड़ीकरण और अस्पताल की ओपीडी सुविधाओं पर भी चर्चा की। अदालत ने स्पष्ट किया कि पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह रोक तब तक रहेगी जब तक रिपोर्ट नहीं मिलती। अगली सुनवाई 19 जनवरी 2026 को तय की गई है।



