राउज एवेन्यू कोर्ट ने पीड़िता की आवाज की फॉरेंसिक जांच को दी मंजूरी

नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्नाव गैंगरेप मामले में एक अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने पीड़िता की आवाज के सैंपल की फॉरेंसिक जांच कराने की अनुमति दे दी है। यह आदेश आरोपी शुभम सिंह की ओर से दायर याचिका पर पारित किया गया है। शुभम सिंह, शशि सिंह का बेटा है, जिन्हें कथित तौर पर पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का करीबी बताया जाता है।
यह मामला पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर द्वारा पीड़िता के साथ किए गए रेप केस से अलग है। आरोप है कि सेंगर द्वारा कथित रेप के करीब एक सप्ताह बाद पीड़िता के साथ गैंगरेप किया गया था। इसी मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश सामने आया है।
CFSL भेजा जाएगा पीड़िता की आवाज का सैंपल
राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज मुरारी प्रसाद सिंह ने अपने आदेश में कहा कि पीड़िता की आवाज का सैंपल लिया जाए और उसे सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) भेजा जाए।
यहां आवाज के सैंपल का मिलान केस रिकॉर्ड में मौजूद ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग से किया जाएगा।
रिकॉर्डिंग में आवाज से इनकार— बचाव पक्ष की दलील
सुनवाई के दौरान आरोपी शुभम सिंह की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि पीड़िता अब यह कहने से इनकार कर रही है कि रिकॉर्ड की गई बातचीत में आवाज उसी की है।
जबकि ट्रायल के दौरान इन्हीं रिकॉर्डिंग्स पर भरोसा किया गया था।
बचाव पक्ष का कहना था कि इन रिकॉर्डिंग्स में ऐसे बयान मौजूद हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि पीड़िता ने अपनी मर्जी से घर छोड़ा था, जो आरोपी के बचाव के लिए अहम हो सकते हैं।
वैज्ञानिक जांच जरूरी— बचाव पक्ष
बचाव पक्ष ने कोर्ट में तर्क दिया कि
“पीड़िता के बयानों की सच्चाई जांचने के लिए वॉयस स्पेक्ट्रोग्राफिक जांच जरूरी है। यह एक वैज्ञानिक तरीका है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि रिकॉर्डिंग में मौजूद आवाज किसकी है।”
कोर्ट ने स्पष्ट किया अपना रुख
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने साफ किया कि
- फॉरेंसिक जांच की अनुमति न्यायिक प्रक्रिया में सहायता के उद्देश्य से दी जा रही है
- जांच रिपोर्ट की कानूनी वैधता और साक्ष्य के रूप में विश्वसनीयता का फैसला ट्रायल के उचित चरण में किया जाएगा
- कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच की अनुमति देने का अर्थ यह नहीं है कि रिपोर्ट को स्वतः सबूत मान लिया जाएगा।



