तुर्कमान गेट हिंसा मामले में सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी से पूछताछ करेगी पुलिस, 5 जवान घायल

नई दिल्ली:देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में मंगलवार रात अतिक्रमण हटाने के दौरान हालात बेकाबू हो गए। फैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास एमसीडी की कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने पुलिस और नगर निगम की टीम पर पत्थरबाजी कर दी। इस हिंसा में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके से 10 लोगों को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है।
अब इस पूरे घटनाक्रम में समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का नाम सामने आया है। पुलिस उनसे पत्थरबाजी और भीड़ भड़काने के आरोपों को लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है।
पत्थरबाजी के समय मौके पर मौजूद थे सांसद?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस समय पत्थरबाजी हुई, उस वक्त सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि उन्होंने लोगों को उकसाया, जिससे हालात और बिगड़ गए। इसी आधार पर पुलिस अब उनसे सवाल-जवाब करेगी।
गौरतलब है कि मोहिबुल्लाह नदवी वर्तमान में पार्लियामेंट स्ट्रीट मस्जिद के इमाम भी हैं।
क्या है पूरा मामला? जानिए मिनट-दर-मिनट घटनाक्रम
- रात करीब 12 बजे: तुर्कमान गेट इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया
- 12:30 बजे: 32 बुलडोजर, 50 डंपर और 200 से ज्यादा मजदूर मौके पर पहुंचे
- 1:00 बजे: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होनी थी
- 1:15 बजे: इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी
- 1:23 बजे: पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू, करीब 10 मिनट तक हंगामा
- 1:30 बजे: पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, बुलडोजर कार्रवाई शुरू
- सुबह तक: लगातार अतिक्रमण हटाने का काम चला, अब मलबा हटाया जा रहा है
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हिंसा के बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा और हालात पर काबू पाया। कई उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का आरोप— गलत तरीके से हुई कार्रवाई
वहीं, इलाके में रहने वाले लोगों का कहना है कि एमसीडी की कार्रवाई गलत तरीके से की गई।
स्थानीय मुस्लिम महिलाओं का आरोप है कि
“जितनी जगह अतिक्रमण की थी, उतनी ही तोड़ी जानी चाहिए थी, लेकिन मस्जिद के कुछ हिस्से को भी नुकसान पहुंचाया गया। इसी वजह से लोगों में गुस्सा था।”
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सांसद की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जा रही है।
