FSSAI का बड़ा फैसला: अब फूड प्रोडक्ट्स में अश्वगंधा की पत्तियों पर रोक

नई दिल्ली: देश की खाद्य नियामक संस्था FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। नई एडवाइजरी में साफ किया गया है कि अब किसी भी फूड प्रोडक्ट, सप्लीमेंट या न्यूट्रास्यूटिकल में अश्वगंधा की पत्तियों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
सिर्फ जड़ और एक्सट्रैक्ट की अनुमति
FSSAI के अनुसार, पहले से तय नियमों के तहत केवल अश्वगंधा की जड़ और उसका एक्सट्रैक्ट ही खाद्य उत्पादों में उपयोग के लिए मान्य है। हाल के दिनों में कुछ कंपनियों द्वारा इसकी पत्तियों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आने के बाद यह सख्त निर्णय लिया गया।
फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को चेतावनी
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि अश्वगंधा की पत्तियों को किसी भी रूप—कच्चा या एक्सट्रैक्ट—में इस्तेमाल करना नियमों का उल्लंघन होगा। सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को चेतावनी दी गई है कि नियम तोड़ने पर Food Safety and Standards Act 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्यों को सख्ती से पालन के निर्देश
खाद्य सुरक्षा एजेंसी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई करें। संस्था ने दोहराया कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बढ़ती मांग के बीच नियमों की अनदेखी
पिछले कुछ समय में अश्वगंधा आधारित उत्पाद—जैसे हर्बल चाय, प्रोटीन पाउडर और न्यूट्रिशन ड्रिंक्स—की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी के चलते कुछ कंपनियां नियमों की अनदेखी कर पत्तियों का इस्तेमाल कर रही थीं, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के खिलाफ है।
आयुष मंत्रालय भी सख्त
इस मामले में आयुष मंत्रालय ने भी कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय ने आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अश्वगंधा की पत्तियों के उपयोग से बचें और निर्धारित मानकों का पालन करें।



