अलीगढ़ में कांग्रेस में घमासान: राजा भैया बनाम विवेक बंसल

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अलीगढ़ में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर ही विवाद गहराता नजर आ रहा है। पार्टी के दो नेताओं के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है, जिससे स्थानीय संगठन में दरार की स्थिति बन गई है।
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस युवजन सभा के प्रदेश सचिव रहे राजा भैया ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक विवेक बंसल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राजा भैया का कहना है कि विवेक बंसल की वजह से अलीगढ़ में कांग्रेस आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंसल “सिंडिकेट” चलाते हैं और पार्टी के भीतर गुटबाजी को बढ़ावा देते हैं।
निष्कासन को लेकर विवाद
राजा भैया ने दावा किया कि जब उन्होंने इन गतिविधियों का विरोध किया, तो उन्हें प्रदेश सचिव पद से हटवा दिया गया। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही बंसल के खिलाफ “काला चिट्ठा” पार्टी हाईकमान को सौंपेंगे।
हालांकि, पार्टी के युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, राजा भैया को पहले ही 2025 में निष्कासित किया जा चुका था।
NCERT किताबों से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद NCERT की किताबों को लेकर शुरू हुआ।
- जिले में अभिभावकों के विरोध के बीच
- राजा भैया ने किताबों को लागू करने की मांग की
इसी मुद्दे पर मतभेद बढ़े और मामला निष्कासन तक पहुंच गया।
विवेक बंसल पर आरोप
राजा भैया ने आरोप लगाया कि:
- बंसल के नेतृत्व में पार्टी कमजोर हुई
- अलीगढ़ में संगठन मजबूत नहीं हो पाया
- लंबे समय से उनके खिलाफ शिकायतें आती रही हैं
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की “डूबती स्थिति” के लिए बंसल जिम्मेदार हैं।
चुनाव से पहले बढ़ी चुनौती
2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर यह गुटबाजी पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
- संगठन कमजोर पड़ सकता है
- कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति बन सकती है
- विपक्ष को राजनीतिक फायदा मिल सकता है
निष्कर्ष
अलीगढ़ में कांग्रेस के अंदर उभरा यह विवाद दिखाता है कि चुनाव से पहले पार्टी को आंतरिक एकजुटता पर काम करने की जरूरत है। अगर समय रहते मतभेद नहीं सुलझे, तो इसका असर आगामी चुनावी प्रदर्शन पर पड़ सकता है।




