उत्तर प्रदेश

पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील पर मायावती की प्रतिक्रिया

Mayawati ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि देश की गरीब और मेहनतकश जनता पहले से ही भारी आर्थिक संकट से जूझ रही है और अब उनके पास अधिक संयम बरतने या खोने के लिए बहुत कुछ नहीं बचा है।

ईरान युद्ध और आर्थिक संकट पर जताई चिंता

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ जारी युद्ध को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युद्ध की अनिश्चितता, ऊर्जा संकट और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव के कारण देश के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लोगों से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बचत करने की अपील इस बात का संकेत है कि देश केवल पेट्रोलियम संकट ही नहीं बल्कि व्यापक आर्थिक दबाव का सामना कर सकता है।

कोरोना के बाद जनता पहले से परेशान: मायावती

बसपा प्रमुख ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद देश की करोड़ों गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर हो चुकी है। रोजी-रोटी का संकट लगातार बढ़ रहा है और आम जनता महंगाई से परेशान है।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की कि ऐसे कठिन समय में गरीबों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि आम लोगों को आर्थिक मदद मिल सके।

पीएम मोदी ने क्या अपील की थी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई को देशवासियों से अपील की थी कि वे पेट्रोल-डीजल की बचत करें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक इस्तेमाल करें और गैर-जरूरी खरीदारी से बचें। उन्होंने वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को फिर से अपनाने और विदेश यात्राओं को टालने की भी सलाह दी थी।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि “देशभक्ति केवल जान देना नहीं, बल्कि मुश्किल समय में जिम्मेदारी से जीना भी देशभक्ति है।”

पश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर असर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर भारत में आर्थिक असर की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबा चलता है तो इसका असर ईंधन कीमतों, महंगाई और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ सकता है।

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