NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा: 30 लाख में खरीदा गया प्रश्नपत्र, कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

National Testing Agency (NTA) द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के बाद पेपर लीक मामले में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। जांच में अब राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत कई राज्यों तक फैले नेटवर्क का पता चला है।
केंद्र सरकार ने मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही डिजिटल माध्यम से कई लोगों तक पहुंचाया गया था।
गुरुग्राम के डॉक्टर से 30 लाख में खरीदा गया पेपर
जांच एजेंसियों के मुताबिक जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी दो भाइयों मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल ने गुरुग्राम के एक डॉक्टर से 26 और 27 अप्रैल को करीब 30 लाख रुपये में कथित तौर पर NEET का पेपर खरीदा था।
आरोप है कि इसके बाद दिनेश बिवाल ने यह पेपर अपने बेटे को दिया, जो सीकर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि 29 अप्रैल को यही पेपर कई छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया गया।
सूत्रों के अनुसार दिनेश बिवाल के परिवार के चार बच्चों का पिछले साल NEET में चयन हुआ था, जिसके बाद जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
डिजिटल माध्यम से फैला पेपर
जांच में पता चला है कि पेपर पहले डिजिटल फॉर्म में भेजा गया और बाद में उसका प्रिंट निकालकर बेचा गया। व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए भी प्रश्नपत्र फैलाने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसियां अब उन छात्रों और अभिभावकों की पहचान करने में जुटी हैं जिन्होंने कथित तौर पर पैसे देकर पेपर हासिल किया था।
नासिक, पुणे और लातूर तक पहुंची जांच
महाराष्ट्र के नासिक के बाद अब पुणे और लातूर से भी पेपर लीक के तार जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक नासिक से गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार से पूछताछ के दौरान पुणे के एक संदिग्ध का नाम सामने आया है।
इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि पेपर का एक सेट नासिक से लातूर भेजा गया था। लातूर को प्रतियोगी परीक्षाओं का बड़ा हब माना जाता है, इसलिए यहां भी छात्रों तक पेपर पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
10 लाख में खरीदा, 15 लाख में बेचा
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी शुभम खैरनार ने कथित तौर पर 10 लाख रुपये देकर प्रश्नपत्र खरीदा था और बाद में अलग-अलग राज्यों के 10 लोगों को 15 लाख रुपये प्रति सेट के हिसाब से बेचा।
शुभम आयुर्वेद चिकित्सा एवं सर्जरी में स्नातक है और नासिक में मेडिकल एडमिशन काउंसलिंग सेंटर चलाता था।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) का दावा है कि पेपर लीक नेटवर्क जयपुर, सीकर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, देहरादून और केरल तक फैला हुआ था।
SOG प्रमुख Ajay Pal Lamba के मुताबिक हरियाणा के एक व्यक्ति ने नासिक के संपर्कों से पेपर हासिल किया था, जिससे महाराष्ट्र की भूमिका भी जांच के केंद्र में आ गई है।
CBI करेगी पूरे सिंडिकेट की जांच
अब CBI इस पूरे पेपर लीक सिंडिकेट की जांच करेगी। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र कैसे लीक हुआ और किन-किन राज्यों में इसे फैलाया गया।
NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी, जिसमें 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था।



