NEET-UG 2026 पेपर लीक पर सियासी घमासान, परीक्षा रद्द के बाद राजस्थान में गरमाई राजनीति

मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 में पेपर लीक के आरोपों के बाद बड़ा फैसला लिया गया है। परीक्षा को रद्द कर दिया गया है और जांच की जिम्मेदारी Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी गई है।
परीक्षा रद्द होने के बाद सियासी विवाद
राजस्थान में इस फैसले के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। कांग्रेस नेता Tikaram Jully ने आरोप लगाया है कि मामले को जानबूझकर दबाया गया।
उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिंवाल का संबंध बीजेपी से है, इसलिए कार्रवाई में देरी हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने भी आरोप लगाया कि सरकार ने मामले को लगभग दो हफ्ते तक छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हुआ।
कैसे फैला पेपर लीक का नेटवर्क?
जांच एजेंसियों के अनुसार पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था:
- महाराष्ट्र (नासिक) से शुरुआत
- हरियाणा (गुरुग्राम) तक पहुंच
- राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में फैलाव
राजस्थान में जमवारामगढ़ के दो भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर 30 लाख रुपये में पेपर खरीदा और आगे छात्रों तक पहुंचाया।
बीजेपी कनेक्शन पर विवाद
आरोपों के अनुसार, दिनेश बिंवाल नाम के आरोपी के भारतीय जनता पार्टी से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
परीक्षा कब हुई थी?
NEET-UG परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें लाखों छात्रों ने हिस्सा लिया था। अब नई तारीखों की घोषणा जल्द होने की संभावना है।
CBI की जांच तेज
Central Bureau of Investigation ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने कई राज्यों में टीमें भेजी हैं और राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) से भी जानकारी ली जा रही है।
छात्रों में नाराजगी
परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई छात्रों ने मांग की है कि इस परीक्षा का संचालन किसी नई संस्था या AIIMS जैसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा कराया जाए।




