यूपी में मंत्रियों के विभाग बंटवारे में देरी, 5 दिन बाद भी नहीं हुआ फैसला

उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath सरकार के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भी नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा अभी तक नहीं हो सका है। विस्तार के पांच दिन बीत जाने के बावजूद फाइलें अब भी विचाराधीन हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
8 नेताओं को मिला था मंत्रिमंडल में स्थान
हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार में कुल 8 नेताओं को शामिल किया गया था, जिनमें:
- 2 कैबिनेट मंत्री
- 2 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री
- 4 राज्य मंत्री
इनमें प्रमुख नाम:
- पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी
- मनोज पांडेय
- अजीत पाल सिंह
- सोमेंद्र तोमर
- कृष्णा पासवान
- सुरेंद्र दिलेर
- हंसराज विश्वकर्मा
- कैलाश सिंह राजपूत
विभाग बंटवारे पर क्यों अटका मामला?
सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रियों के विभागों को लेकर सरकार और संगठन स्तर पर गहन मंथन चल रहा है। खासकर कैबिनेट और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के विभाग तय करने में सबसे ज्यादा देरी हो रही है।
बताया जा रहा है कि:
- कई मौजूदा विभागों में फेरबदल पर विचार
- सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश
- 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति का ध्यान
इन कारणों से फैसला अभी तक फाइनल नहीं हो सका है।
दिल्ली दौरे और शाह से मुलाकात
इस बीच Yogi Adityanath हाल ही में दिल्ली दौरे पर पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से हुई।
राजनीतिक हलकों में इसे विभाग बंटवारे से जुड़ी सहमति बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
कब होगा अंतिम फैसला?
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री के दिल्ली से लौटने के बाद विभागों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें मुख्यमंत्री कार्यालय की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।
सियासी हलचल तेज
मंत्रियों के विभागों में देरी को लेकर विपक्षी हलकों में भी चर्चा है, जबकि सत्ता पक्ष में इसे “रणनीतिक और संतुलित फैसला” बताया जा रहा है। अब देखना होगा कि किन नेताओं को कौन-से अहम विभाग मिलते हैं और किस तरह नया मंत्रिमंडल आकार लेता है।




