उत्तर प्रदेश

मायावती से मुलाकात के बाद सियासी घमासान, BJP ने विपक्ष पर बोला हमला

उत्तर प्रदेश में चुनावी साल से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं के बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) प्रमुख Mayawati से मुलाकात के बाद शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है।

मायावती से मुलाकात के बाद बढ़ा सियासी विवाद

कांग्रेस के एससी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष Rajendra Pal Gautam और बाराबंकी सांसद Tanuj Punia सहित कई नेता हाल ही में मायावती से मिलने उनके लखनऊ स्थित आवास पहुंचे थे।

इस मुलाकात के सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस संगठन में भी हलचल मच गई। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष Ajay Rai ने कहा कि इस दौरे की पार्टी से कोई अनुमति नहीं ली गई थी, जबकि पार्टी प्रभारी ने संबंधित नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

BJP का विपक्ष पर हमला

इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया अलायंस’ पर तीखा हमला बोला है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya ने कहा कि सपा और कांग्रेस में केवल परिवारवाद को छोड़कर कोई समानता नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों के बीच न भरोसा है और न ही तालमेल, बल्कि यह सिर्फ “अवसरवादी मेल” है।

“स्वार्थी ठगबंधन” पर तंज

केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता 2017 में ही इनके “स्वार्थी ठगबंधन” की सच्चाई देख चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब विपक्षी दलों की राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है।

2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा

डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि Uttar Pradesh में 2027 के विधानसभा चुनाव में विपक्ष का पूरी तरह सूपड़ा साफ हो जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि जनता भाजपा पर भरोसा कर रही है क्योंकि पार्टी विकास, सुशासन, सुरक्षा और गरीब कल्याण के मुद्दों पर काम कर रही है।

विपक्ष में अंदरूनी हलचल

मायावती से मुलाकात के बाद कांग्रेस के भीतर भी मतभेद सामने आए हैं। पार्टी स्तर पर कार्रवाई की बात सामने आने के बाद यह मामला और गरमा गया है।

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