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10 दिनों में चौथी बार बढ़े ईंधन के दाम, राहुल गांधी और कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोमवार (25 मई) को तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ा दिए, जिससे पिछले 10 दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी बन गई है। लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है।

पेट्रोल-डीजल के नए दाम

नई दरों के अनुसार:

  • दिल्ली में पेट्रोल: ₹102.12 प्रति लीटर
  • दिल्ली में डीजल: ₹95.20 प्रति लीटर

इस बढ़ोतरी से पिछले कुछ दिनों में कुल मिलाकर ईंधन 7 रुपये से अधिक महंगा हो चुका है।

राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि:

  • सरकार “किस्तों में” ईंधन के दाम बढ़ाकर जनता की जेब पर बोझ डाल रही है
  • चुनाव खत्म होते ही महंगाई का असर बढ़ जाता है
  • यह आम लोगों की आय पर “चुपचाप डाका” है

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में तंज कसते हुए सरकार पर लगातार महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाया।

“इन्फ्लेशन मैन मोदी” वाला बयान

राहुल गांधी ने पोस्ट में कहा कि सरकार चुनावों के दौरान वादे करती है और उसके बाद जनता पर आर्थिक बोझ डालती है। उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • चुनाव के बाद ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ाई जा रही हैं
  • सरकार चरणबद्ध तरीके से दाम बढ़ाकर विरोध को कम करने की कोशिश कर रही है

मल्लिकार्जुन खरगे का बयान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि:

  • 10 दिनों में 4 बार कीमतें बढ़ाई गई हैं
  • यह आम जनता की बचत पर सीधा असर डाल रहा है
  • सरकार ने पेट्रोल-डीजल को महंगाई का माध्यम बना दिया है

उन्होंने 2014 और वर्तमान कीमतों की तुलना करते हुए भी सरकार की नीति पर सवाल उठाए।

लगातार बढ़ोतरी का ट्रेंड

पिछले कुछ दिनों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का पैटर्न:

  • 15 मई: ₹3 प्रति लीटर बढ़ोतरी
  • 19 मई: ₹0.90 बढ़ोतरी
  • 23 मई: पेट्रोल ₹0.87 और डीजल ₹0.91 बढ़ा
  • 25 मई: फिर नई बढ़ोतरी लागू

अन्य शहरों में कीमतें

  • कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51, डीजल ₹99.82
  • मुंबई: पेट्रोल ₹111.21, डीजल ₹97.83
  • चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77, डीजल ₹99.55

आर्थिक और राजनीतिक असर

लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर:

  • महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है
  • ट्रांसपोर्ट और जरूरी वस्तुओं की लागत बढ़ेगी
  • राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होंगे

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