पुजारी पर मुकदमे के विरोध में बढ़ा विवाद, कई मंदिरों के कपाट बंद; समाज ने किया प्रदर्शन का ऐलान

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मंदिर के पुजारी पर दर्ज पॉक्सो एक्ट के मुकदमे को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। मामले के विरोध में ब्राह्मण और राजपूत समाज के लोगों ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई मंदिरों के कपाट बंद कर दिए हैं और प्रदर्शन तेज कर दिया है।
मंदिर बंद कर जताया विरोध
विरोध के चलते:
- कई मंदिरों में सुबह पूजा-अर्चना के बाद कपाट बंद कर दिए गए
- मंदिरों के बाहर विरोध स्वरूप नोटिस बोर्ड लगाए गए
- पुजारियों और स्थानीय संगठनों ने सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया
समाज के लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई पुजारी के खिलाफ अन्यायपूर्ण है।
“पहली बार इतने बड़े स्तर पर मंदिर बंद” का दावा
ब्राह्मण समाज के लोगों का कहना है कि यह पहली बार है जब किसी मामले के विरोध में:
- इतने बड़े स्तर पर मंदिर बंद किए गए हैं
- संगठित रूप से समाज सड़कों पर उतरा है
उनका आरोप है कि मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे समाज की प्रतिष्ठा से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, देहात कोतवाली क्षेत्र में 65 वर्षीय पुजारी विजय तिवारी पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। समाज के लोगों का दावा है कि:
- यह मामला मूल रूप से जमीन विवाद से जुड़ा है
- मंदिर के पास की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था
- इसे अब गलत तरीके से जातीय विवाद का रूप दिया जा रहा है
भीम आर्मी पर भी आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि:
- भीम आर्मी के दबाव में पुलिस ने कार्रवाई की
- बिना निष्पक्ष जांच के सीधे पॉक्सो एक्ट लगाया गया
- मामले को जल्दबाजी में दर्ज किया गया
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
समाज का विरोध और आरोप
ब्राह्मण समाज के लोगों का कहना है कि:
- प्रदेश में ब्राह्मण समाज के साथ अन्याय हो रहा है
- जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर चुप हैं
- यह मामला अब सामाजिक और राजनीतिक रूप ले चुका है
SSP कार्यालय घेराव का ऐलान
विरोध के चलते आज सहारनपुर में:
- सुबह 11 बजे बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया गया है
- SSP कार्यालय के घेराव की योजना है
पुलिस प्रशासन अलर्ट
स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने:
- अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है
- शहर और देहात में निगरानी बढ़ा दी है
- मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है
प्रशासन का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:
- मामले की जांच की जा रही है
- सभी तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी
- कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है




