ऑर्केस्ट्रा, डांस ग्रुप और स्पा में नाबालिगों के काम पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और NCPCR को नोटिस

Supreme Court of India ने ऑर्केस्ट्रा, डांस ग्रुप, मसाज पार्लर और स्पा में बच्चों एवं किशोरों के रोजगार और कथित शोषण के मामले में केंद्र सरकार, National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR) और National Human Rights Commission (NHRC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant, जस्टिस Joymalya Bagchi और जस्टिस Vipul M. Pancholi की बेंच ने बाल अधिकार संगठन Just Rights for Children Alliance (JRCA) की याचिका पर गंभीर चिंता जताई।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता H. S. Phoolka ने अदालत को बताया कि 10 से 11 साल तक की नाबालिग लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा और डांस बार में काम पर लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में स्पा और मसाज पार्लर के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष तय है, लेकिन कई जगह नियमों का पालन नहीं हो रहा।
याचिका में मांग की गई है कि ‘बाल और किशोर श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986’ के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के ऑर्केस्ट्रा, डांस ग्रुप, डांस बार, नौटंकी, मसाज पार्लर, स्पा और सैलून में काम करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि ये क्षेत्र नाबालिग लड़कियों की तस्करी, यौन शोषण और जबरन मजदूरी के “छिपे ठिकाने” बन चुके हैं। इसमें कहा गया कि कानून की अस्पष्टता का फायदा उठाकर बच्चों के यौन शोषण को “कानूनी रोजगार” का रूप दिया जा रहा है।
याचिका के अनुसार मार्च 2025 से मई 2026 के बीच बिहार और पश्चिम बंगाल में ऑर्केस्ट्रा तथा डांस ग्रुप से 212 नाबालिगों को बचाया गया, जबकि दिल्ली और राजस्थान में मसाज पार्लर और स्पा से 12 नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया। कई पीड़ितों की उम्र महज 12 साल बताई गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार के श्रम एवं कानून मंत्रालयों से भी जवाब तलब किया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान अदालत विभिन्न एजेंसियों के जवाब पर विचार करेगी।




