Bareilly Murder Case: बरेली में छज्जा विवाद बना खूनी संघर्ष, युवक की हत्या से गांव में तनाव

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के जाम गांव में मामूली विवाद ने भयावह रूप ले लिया। छज्जा निकालने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
छज्जा विवाद से शुरू हुई हिंसा
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी कुंवरपाल और पड़ोसियों के बीच मकान के छज्जे को लेकर कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर मामला मारपीट तक पहुंच गया।
आरोप है कि पड़ोसी पक्ष के महेंद्र, हरजीत, रामरतन, अनोखे, धर्मपाल और करन ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
इस हमले में कुंवरपाल के भाई इंद्रपाल गंभीर रूप से घायल हो गए।
शिकायत के बाद फिर हुआ हमला
परिजनों का आरोप है कि वे घायल इंद्रपाल को लेकर मीरगंज थाने पहुंचे थे, लेकिन शिकायत के बाद आरोपी और भड़क गए।
कुछ देर बाद आरोपियों ने दोबारा हमला किया और 22 वर्षीय लक्ष्मण स्वरूप उर्फ लक्ष्मण प्रसाद को निशाना बनाया।
धारदार हथियार से किए गए हमले में लक्ष्मण गंभीर रूप से घायल हो गया।
इलाज के दौरान युवक की मौत
परिजन उसे मीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से हालत गंभीर होने पर बरेली रेफर कर दिया गया।
लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
युवक की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस की कार्रवाई
Uttar Pradesh Police ने मामले में हत्या और मारपीट समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में सिर पर गंभीर चोट और अधिक खून बहना मौत का कारण माना जा रहा है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो मामला हत्या तक नहीं पहुंचता।
लोगों ने शुरुआती विवाद को हल्के में लेने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।



