अवैध घुसपैठ रोकने के लिए हाईलेवल कमेटी गठित, देशभर में जनसंख्या बदलाव का होगा आकलन

केंद्र सरकार ने देश में हो रहे डेमोग्राफिक बदलाव (जनसांख्यिकीय परिवर्तन) को लेकर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से हो रहे जनसंख्या बदलाव का व्यापक मूल्यांकन करना और समाधान सुझाना है।
Amit Shah ने बताया कि यह कदम 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद उठाया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ और उससे होने वाला “अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय परिवर्तन” देश की सुरक्षा और सामाजिक संरचना के लिए गंभीर चुनौती है।
जस्टिस प्रकाश नवलेकर की अध्यक्षता में समिति
गृह मंत्रालय के अनुसार इस हाईलेवल कमेटी की अध्यक्षता सेवानिवृत्त जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नवलेकर करेंगे। समिति में जनगणना आयुक्त, रिटायर्ड IAS अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, रिटायर्ड IPS अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री डॉ. शमिका रवि शामिल हैं। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (Foreigners-I) समिति के सदस्य सचिव होंगे।
जनसंख्या बदलाव का होगा विस्तृत विश्लेषण
यह समिति देशभर में धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर हो रहे असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों का विश्लेषण करेगी। इसके साथ ही यह अवैध प्रवास के कारणों, पैटर्न और उसके प्रभावों का अध्ययन कर समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी।
गृह मंत्री ने कहा कि यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, जनजातीय संरक्षण और सामाजिक संतुलन से जुड़ा हुआ है।
घुसपैठ पर सख्ती के संकेत
अमित शाह ने कई मंचों से पहले भी घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा है कि सरकार अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।
सूत्रों के अनुसार, सीमावर्ती राज्यों में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज होने के बाद कई लोग स्वेच्छा से वापस लौट रहे हैं, खासकर भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ी हैं।



