
Twisha Sharma की संदिग्ध मौत के मामले में Central Bureau of Investigation ने जांच तेज कर दी है। भोपाल पुलिस द्वारा सौंपी गई 500 पन्नों की केस डायरी अब इस हाई-प्रोफाइल डेथ मिस्ट्री में कई बड़े खुलासे कर सकती है।
इसी बीच आज Giribala Singh की अग्रिम जमानत पर भी फैसला आने वाला है। Madhya Pradesh High Court में दोपहर 2:30 बजे मामले की सुनवाई होगी।
सास की अग्रिम जमानत पर आज फैसला
25 मई को हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए दो दिन का समय दिया था। ट्विशा के पिता Navnidhi Sharma ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की है।
मध्य प्रदेश सरकार ने भी कोर्ट में जमानत निरस्त करने को लेकर याचिका दायर कर रखी है। दूसरी ओर गिरिबाला सिंह के वकीलों ने अदालत में नोटिस नहीं मिलने की दलील दी थी।
पिता का आरोप- बेटी ने आत्महत्या नहीं की, हत्या हुई
मामले में ट्विशा शर्मा के पिता ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया।
31 वर्षीय ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली थीं और दिसंबर 2025 में उनका विवाह भोपाल निवासी एडवोकेट Samarth Singh से हुआ था। समर्थ सिंह, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के बेटे हैं।
12 मई की रात ट्विशा कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। शुरुआती जांच में स्थानीय पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था, लेकिन परिवार ने इस थ्योरी को खारिज कर दिया।
दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। पिता का कहना है कि उनकी बेटी एक सफल मॉडल और एक्ट्रेस थी और इतनी कमजोर नहीं थी कि आत्महत्या कर ले।
परिवार का आरोप है कि उसे योजनाबद्ध तरीके से मौत के घाट उतारा गया और बाद में मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
सास का दावा- गर्भावस्था के तनाव में थी ट्विशा
दूसरी तरफ ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने दावा किया है कि ट्विशा गर्भवती थीं और मानसिक तनाव से गुजर रही थीं।
हालांकि परिवार और करीबी लोगों ने इन दावों को झूठा बताते हुए कहा कि यह असली आरोपियों को बचाने की कोशिश है।
CBI ने शुरू की पूछताछ
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने 22 मई को CBI जांच की सिफारिश की थी। दिल्ली से आई पांच सदस्यीय टीम इस केस की जांच कर रही है।
टीम का नेतृत्व डीआईजी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। इसमें महिलाओं से जुड़े अपराधों की जांच में विशेषज्ञ मानी जाने वाली डीएसपी Nishu Kushwaha भी शामिल हैं।
CBI टीम ने बाग मुगलिया स्थित गिरिबाला सिंह के घर पहुंचकर पूछताछ की। इसके अलावा कटारा हिल्स थाने में समर्थ सिंह से भी सवाल-जवाब किए गए।
500 पन्नों की डायरी और डिजिटल सबूत CBI को सौंपे
भोपाल पुलिस कमिश्नर Sanjay Kumar और CBI अधिकारियों के बीच बैठक के बाद पुलिस ने केस डायरी CBI को सौंप दी।
500 से अधिक पन्नों की इस डायरी में घटना से जुड़े बयान, दस्तावेज और अहम सबूत शामिल बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा मोबाइल कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज जैसे डिजिटल साक्ष्य भी केंद्रीय एजेंसी को सौंप दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से CBI के साथ समन्वय के लिए Vikas Sahwal को अधिकृत किया गया है।



