वाराणसी: ‘नमो बनारसी साड़ी सेंटर’ से लेकर मीट मार्केट शिफ्टिंग तक नई योजनाओं की तैयारी

Varanasi Municipal Corporation ने शहर के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्वरूप को ध्यान में रखते हुए कई बड़े विकास कार्यों का रोडमैप तैयार किया है। इस योजना का उद्देश्य काशी को अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और पर्यटन-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करना है।
146 करोड़ का ‘नमो बनारसी साड़ी सेंटर’
Varanasi के कैंट क्षेत्र में 146 करोड़ रुपये की लागत से ‘नमो बनारसी साड़ी सेंटर’ विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना के तहत करीब 350 आधुनिक दुकानें बनाई जाएंगी, जिन्हें बनारसी साड़ी कारोबारियों को आवंटित किया जाएगा।
इसका मकसद:
- भीड़भाड़ वाले बाजारों को व्यवस्थित करना
- Banarasi saree उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाना
- पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देना
शहर से हटेंगी मीट की दुकानें
नगर निगम की योजना के तहत शारदीय नवरात्रि से पहले शहर के मुख्य हिस्सों से नॉनवेज और मीट की दुकानों को हटाया जाएगा।
इन्हें शहर के चारों प्रवेश द्वारों पर बनाए जाने वाले विशेष मीट मार्केट में स्थानांतरित किया जाएगा।
नगर निगम का कहना है कि Ashok Kumar Tiwari के अनुसार यह कदम धार्मिक भावनाओं और शहर की पहचान को ध्यान में रखकर लिया गया है।
नए कॉम्प्लेक्स और व्यापारिक केंद्र
शहर में कई नए व्यापारिक केंद्र भी विकसित किए जा रहे हैं:
- बेनियाबाग में 138 दुकानों का निर्माण
- सिगरा में रुद्राक्ष मार्केट का विस्तार
- भोजूबीर और जेपी मेहता क्षेत्र में नए कॉम्प्लेक्स
पार्किंग व्यवस्था का विस्तार
पर्यटन और भीड़ को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है:
- परेड कोठी में नया पार्किंग स्थल
- मैदागिन और लहुराबीर में मल्टीस्टोरी पार्किंग
- सिगरा में अंडरग्राउंड पार्किंग और होटल परियोजना
- अस्सी घाट पर मैकेनाइज्ड मल्टी-लेवल पार्किंग
स्वच्छता में वाराणसी की बड़ी छलांग
स्वच्छता सर्वेक्षण में Varanasi ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ा सुधार किया है:
- 2023 में रैंक: 41
- 2025 में रैंक: 17
नगर निगम का लक्ष्य अब देश के शीर्ष 5 शहरों में जगह बनाना है।
इसके लिए:
- सफाईकर्मियों की संख्या 4,075 से बढ़ाकर 7,428 की गई है
- प्रमुख मंदिरों और मार्गों पर तीन शिफ्ट में सफाई हो रही है
करसड़ा डंपिंग ग्राउंड का कायाकल्प
Karsada Dumping Ground में जमा 12.64 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण के लिए 53.15 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है।
यह कार्य बायोमाइनिंग तकनीक से किया जाएगा।
हरित क्षेत्र का विकास
कचरा हटने के बाद लगभग 25 एकड़ भूमि पर मियावाकी तकनीक से घना जंगल विकसित किया जाएगा, जिससे:
- कार्बन उत्सर्जन कम होगा
- पर्यावरण संतुलन बेहतर होगा
- शहर का हरित क्षेत्र बढ़ेगा




