शिक्षकों से 46 किलो भूसा दान मांगने पर बवाल, BEO के आदेश से मचा विवाद

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बेसहारा गोवंशों के लिए भूसा दान कराने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग का एक आदेश विवादों में घिर गया है. नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सत्यदेव द्वारा जारी किए गए लेटर में प्रत्येक स्कूल से 46 किलो भूसा दान करने को कहा गया था. इतना ही नहीं, आदेश का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी. आदेश सामने आते ही जिले के शिक्षकों और शिक्षक संगठनों में नाराजगी फैल गई.
वहीं दूसरी ओर मीरगंज के खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार ने अलग पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि शिक्षक स्वेच्छा से भूसा दान कर सकते हैं और किसी पर कोई दबाव या कार्रवाई नहीं होगी. दो अलग-अलग आदेश सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है.
गोवंश संरक्षण के लिए चल रहा अभियान
जिले में बेसहारा गोवंशों के संरक्षण के लिए प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है. गौशालाओं में भूसे और चारे की व्यवस्था के लिए अलग-अलग विभागों से सहयोग मांगा जा रहा है. इसी क्रम में शिक्षा विभाग को भी भूसा एकत्र करने का लक्ष्य दिया गया था.
बताया जा रहा है कि हर स्कूल से करीब 46 किलो भूसा जमा कराने का लक्ष्य तय किया गया, ताकि ब्लॉक स्तर पर भूसा बैंक तैयार किया जा सके.
DM अविनाश सिंह ने क्या कहा?
बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि जिले में गोवंश संरक्षण के लिए लगातार काम किया जा रहा है. अस्थायी और स्थायी गौशालाओं में गायों के लिए चारा और भूसे की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है.
उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और लोगों से स्वेच्छा से सहयोग करने की अपील की गई है. हालांकि जब उनसे शिक्षकों को कार्रवाई की चेतावनी वाले आदेश पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के पत्र की जानकारी नहीं है.
शिक्षकों में भारी नाराजगी
शिक्षकों और शिक्षक संगठनों ने इस आदेश का खुलकर विरोध किया है. उनका कहना है कि शिक्षकों का मुख्य कार्य बच्चों को पढ़ाना है, लेकिन लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ बढ़ता जा रहा है.
शिक्षकों ने कहा कि पहले ही जनगणना, सर्वे, चुनाव ड्यूटी और पोर्टल फीडिंग जैसे कई काम दिए जाते हैं. अब भूसा इकट्ठा करने का आदेश देना शिक्षकों की गरिमा के खिलाफ है.
एक शिक्षक नेता ने नाराजगी जताते हुए कहा, “क्या अब शिक्षक गले में कट्टा डालकर घर-घर भूसा मांगने जाएंगे?”
आंदोलन की चेतावनी
शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसे आदेश वापस नहीं लिए गए तो शिक्षक सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे. उनका कहना है कि शिक्षकों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
BEO सत्यदेव ने दी सफाई
TV9 डिजिटल से बातचीत में नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी सत्यदेव ने कहा कि उन्हें ऊपर से मिले निर्देशों के आधार पर पत्र जारी करना पड़ा था. उन्होंने माना कि कार्रवाई वाली लाइन गलती से पत्र में चली गई थी, जिसके बाद संशोधित लेटर जारी कर दिया गया.
मीरगंज BEO ने क्या कहा?
मीरगंज के खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार ने कहा कि उनके द्वारा जारी पत्र में कहीं भी कार्रवाई की बात नहीं लिखी गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक अपनी इच्छा से भूसा दान कर सकते हैं और किसी पर कोई दबाव नहीं है.
फिलहाल, बरेली में भूसा दान को लेकर जारी आदेश अब बड़ा विवाद बन चुका है और जिलेभर के शिक्षक इस मुद्दे पर नाराज दिखाई दे रहे हैं.



