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Twisha Sharma Death Case: पूर्व जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार

भोपाल की मॉडल और अभिनेत्री Twisha Sharma की संदिग्ध मौत के मामले में पूर्व जज Giribala Singh की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. जबलपुर हाई कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के कुछ घंटों बाद CBI ने गुरुवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया. मामले में उनका बेटा Samarth Singh पहले से ही CBI की कस्टडी में है.

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह से CBI की टीम गिरिबाला सिंह से लगातार पूछताछ कर रही थी. करीब सात घंटे तक चली पूछताछ के बाद एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. अब CBI उन्हें जिला अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी.

CBI ने जुटाए डिजिटल सबूत

जांच के दौरान CBI की टेक्निकल टीम ने घर की डिजिटल मैपिंग की और कई अहम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए. टीम ने घर के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण कर घटना से जुड़े तथ्यों को खंगाला.

CBI सूत्रों के अनुसार, अब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि दोनों के बयानों का मिलान किया जा सके. एजेंसी को शक है कि मामले में अभी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आना बाकी हैं.

हाई कोर्ट ने क्यों रद्द की अग्रिम जमानत?

बताया जा रहा है कि बुधवार को Madhya Pradesh High Court में करीब तीन घंटे तक चली सुनवाई के बाद गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी गई थी.

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता Prashant Singh ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा शर्मा के शरीर पर सात चोटों का उल्लेख है. ये सभी चोटें एंटी-मॉर्टम यानी मौत से पहले की पाई गईं.

महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि शव को फंदे से उतारने के दौरान इस तरह की चोटें नहीं आ सकतीं. ऐसे में ये चोटें किसी गंभीर अपराध की ओर संकेत करती हैं.

जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप

राज्य सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि गिरिबाला सिंह ने जांच में सहयोग नहीं किया. 13 मई से लगातार नोटिस जारी किए गए थे. 20 और 21 मई को भी उन्हें नोटिस भेजे गए, लेकिन वे विवेचना अधिकारी के सामने पेश नहीं हुईं.

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि निचली अदालत ने अग्रिम जमानत देते समय कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया था. इसी आधार पर जमानत आदेश निरस्त कर दिया गया.

वॉट्सऐप चैट्स भी जांच के दायरे में

महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अदालत में कहा कि वॉट्सऐप चैट्स को पूरे संदर्भ में पढ़ने पर मृतका को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के संकेत मिलते हैं.

एफआईआर में दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और क्रूरता के आरोप दर्ज हैं. जांच एजेंसी के पास कई गवाहों के बयान भी मौजूद हैं. फिलहाल CBI मामले की हर एंगल से जांच कर रही है.

किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?

गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) के तहत दहेज मृत्यु, धारा 85 के तहत विवाहित महिला के साथ क्रूरता और धारा 3(5) के तहत संयुक्त आपराधिक दायित्व समेत दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

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