
राजस्थान के सीकर में NEET (National Eligibility cum Entrance Test) पेपर लीक विवाद के बाद एक छात्र प्रदीप माहिच की आत्महत्या का मामला अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।
छात्र के परिजनों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और पेपर लीक की वजह से वह मानसिक तनाव में था, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।
राहुल गांधी की पीड़ित परिवार से मुलाकात
इस मामले में Rahul Gandhi ने पीड़ित परिवार से दिल्ली में मुलाकात की थी और उन्हें न्याय का भरोसा दिया।
यह मुलाकात तब विवादों में आ गई जब तस्वीरों और रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि बैठक में एक कथित हिस्ट्रीशीटर भी मौजूद था।
BJP का आरोप: हिस्ट्रीशीटर भी था मौजूद
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया कि मुलाकात में शामिल एक व्यक्ति, राजेश जोया उर्फ ‘सरकार’, हिस्ट्रीशीटर है और उसका संबंध आपराधिक मामलों से है।
BJP का दावा है कि उसके खिलाफ कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और वह रोहित गोदारा गैंग से भी जुड़ा बताया जाता है।
NSUI का पलटवार
वहीं NSUI ने इन आरोपों को खारिज किया है।
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के अनुसार:
- राजेश जोया पीड़ित परिवार का रिश्तेदार है
- उसे परिवार ने खुद मुलाकात के लिए चुना था
- उसके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े हैं
- किसी संगठित अपराध या गैंग से उसका संबंध नहीं है
मुलाकात में कौन-कौन शामिल था?
रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली में हुई इस बैठक में शामिल लोग थे:
- मृतक छात्र के पिता राजेश
- बहन बबीता
- चचेरा भाई विजेंद्र
- परिवार के करीबी श्रवण कांटीवाल
- और राजेश जोया उर्फ ‘सरकार’
इसी सूची में शामिल व्यक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
छात्र की आत्महत्या का मामला
परिजनों का कहना है कि NEET परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक विवाद के कारण छात्र डिप्रेशन में चला गया था, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।
राजनीतिक विवाद तेज
इस घटना के बाद मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। एक तरफ BJP ने सुरक्षा और आपराधिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए हैं, वहीं विपक्ष और NSUI ने इसे गलत प्रचार बताया है।
आगे की स्थिति
फिलहाल इस मामले में जांच और राजनीतिक बयानबाजी दोनों जारी हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और भी तूल पकड़ सकता है।



