मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में प्रदेश के 18 बड़े शहरों में 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय में वृद्धि, किसानों के लिए मक्का की MSP तय करने समेत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट बैठक के बाद नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि प्रदेश के 17 नगर निगमों और नोएडा सहित कुल 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल पर नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
18 शहरों में चलेंगी 1725 नई इलेक्ट्रिक बसें
प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से 1,725 नई ई-बसों के संचालन को मंजूरी दी है। विशेष बात यह है कि नोएडा में यह सेवा जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक विस्तारित की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस कदम से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकारी वकीलों का मानदेय और भत्ता बढ़ा
कैबिनेट ने जिला न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक प्रदेश सरकार की पैरवी करने वाले सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय और भत्तों में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि:
- जिला न्यायालय के सरकारी वकीलों की मासिक रिटेनरशिप 9,000 रुपये से बढ़ाकर 14,000 रुपये की गई।
- प्रति सुनवाई फीस 1,650 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई।
- एडिशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट्स की रिटेनरशिप 7,200 रुपये से बढ़ाकर 11,000 रुपये की गई।
- प्रति सुनवाई फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,300 रुपये कर दी गई।
वहीं प्रदेश के महाधिवक्ता की मासिक रिटेनरशिप 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये तथा प्रति सुनवाई फीस 40,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है।
किसानों के लिए खुशखबरी, मक्का की MSP तय
कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि किसानों के हित में मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
प्रदेश में मक्का की सरकारी खरीद 5 जून से 31 जुलाई तक की जाएगी। इसके लिए विभिन्न जिलों में खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
जिला पंचायत से स्वीकृत परियोजनाओं को राहत
कैबिनेट ने 31 मार्च 2026 तक जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं के विनियमितीकरण (रेग्युलराइजेशन) को मंजूरी दे दी है।
प्रदेश में विकास प्राधिकरणों के विस्तार के बाद ऐसी कई परियोजनाएं थीं जिन्हें पहले जिला पंचायतों ने मंजूरी दी थी। अब इन परियोजनाओं को विकास प्राधिकरण नियमित करेंगे और आगे के नक्शों को भी वही स्वीकृति देंगे।
जेलों में कैदियों की मौत पर मिलेगा मुआवजा
कैबिनेट ने जेल प्रशासन से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। नई नीति के तहत:
- कैदियों के बीच झगड़े में मौत होने पर 5 लाख रुपये मुआवजा।
- डॉक्टर या जेल प्रशासन की लापरवाही से मौत होने पर 5 लाख रुपये मुआवजा।
- आत्महत्या की स्थिति में 3 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।
पांच जिलों में बनेंगी नई जेलें
प्रदेश में जेलों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए पांच जिलों में नई जेलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा मोहनलालगंज में नए रजिस्ट्री कार्यालय के निर्माण के लिए भूमि आवंटन संबंधी प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई।
25 में से 24 प्रस्ताव मंजूर
कैबिनेट के समक्ष कुल 25 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 24 को मंजूरी मिल गई। परिवहन विभाग से संबंधित एक प्रस्ताव को फिलहाल स्वीकृति नहीं मिल सकी।



