Ram Charan की ‘Peddi’ Review: ‘RRR’ के बाद फिर चला स्टारडम का जादू, मास एंटरटेनमेंट के साथ झकझोर देने वाला संदेश

‘आरआरआर’ से पैन इंडिया स्टार बने राम चरण एक बार फिर बड़े पर्दे पर धमाकेदार वापसी करते दिखे हैं। उनकी नई फिल्म ‘पेद्दी’ को लेकर पहले से ही जबरदस्त हाइप बनी हुई थी और अब रिलीज के बाद फिल्म उस उम्मीद पर काफी हद तक खरी उतरती नजर आती है।
लगभग 3 घंटे लंबी इस स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म में एंटरटेनमेंट, इमोशन और सोशल मैसेज का ऐसा मिश्रण देखने को मिलता है, जो दर्शकों पर गहरा असर छोड़ता है।
कहानी: टैलेंट की तलाश से शुरू होकर पहचान की लड़ाई तक
फिल्म की कहानी शुरू होती है एक स्पोर्ट्स मंत्रालय के अफसर (बोमन ईरानी) से, जो देश में ओलंपिक मेडल्स की कमी से परेशान है और जमीनी स्तर पर टैलेंट की तलाश में निकलता है।
इसी खोज के दौरान उसकी मुलाकात होती है ‘पेद्दी’ (राम चरण) से—एक ऐसे आदिवासी इलाके का युवक, जहां लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं और पहचान के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि उस पूरे समाज की है, जो सिस्टम में अक्सर अनदेखा रह जाता है।
ग्रामीण भारत की कड़वी सच्चाई को दिखाने की कोशिश
फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे दूर-दराज इलाकों में रहने वाले आदिवासी समुदाय आज भी:
- वोटर आईडी और पहचान से वंचित हैं
- ग्राम पंचायत और प्रशासन में उनकी गिनती नहीं है
- बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली और स्वास्थ्य से दूर हैं
‘पेद्दी’ इस सामाजिक असमानता को खेल की पृष्ठभूमि में बेहद प्रभावशाली तरीके से पेश करती है।
राम चरण का दमदार ट्रांसफॉर्मेशन
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत राम चरण का परफॉर्मेंस है।
- जबरदस्त फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन
- इमोशनल और एक्शन सीन्स में मजबूत पकड़
- डांस और स्क्रीन प्रेजेंस में पूरा स्वैग
फिल्म में उनका किरदार शुरुआत से अंत तक कहानी को अपने कंधों पर संभालता है। कई जगह उनकी परफॉर्मेंस को करियर की अब तक की सबसे बेहतरीन भूमिका माना जा सकता है।
सपोर्टिंग कास्ट का असरदार योगदान
फिल्म में दिव्येंदु शर्मा, उपेंद्र लिमये, रवि किशन और बोमन ईरानी जैसे कलाकार मौजूद हैं। सभी ने अपने-अपने किरदारों को मजबूती दी है और कहानी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
जान्हवी कपूर का छोटा लेकिन अहम रोल
जान्हवी कपूर का किरदार स्क्रीन पर सीमित है, लेकिन उनका प्रभाव महसूस किया जा सकता है। हालांकि, कुछ जगहों पर उनके लुक और प्रस्तुति को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।
डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले
फिल्म का निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है, जबकि कहानी पर सुकुमार की छाप साफ नजर आती है।
- गांव की पृष्ठभूमि को प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया
- स्पोर्ट्स और इमोशन का संतुलन बेहतर रखा गया
- कई सीन दर्शकों को सोचने पर मजबूर करते हैं
हालांकि 3 घंटे की लंबाई कुछ जगहों पर थोड़ी धीमी महसूस हो सकती है, लेकिन मजबूत कंटेंट इसे संतुलित कर देता है।
फिल्म का सबसे बड़ा संदेश
‘पेद्दी’ सिर्फ एक स्पोर्ट्स फिल्म नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक आईना भी है, जो यह सवाल उठाती है कि:
- क्या देश के हर नागरिक तक विकास पहुंचा है?
- क्या दूरदराज इलाकों के लोग अभी भी व्यवस्था से बाहर हैं?
- क्या टैलेंट सिर्फ शहरों में ही होता है?
आखिरी फैसला
‘पेद्दी’ एक ऐसी फिल्म है जो सिर्फ मनोरंजन नहीं करती, बल्कि सोचने पर मजबूर करती है।
यह फिल्म:
- मास एंटरटेनमेंट चाहने वालों के लिए पूरी पैकेज है
- राम चरण के फैंस के लिए किसी त्योहार से कम नहीं
- और सोशल मैसेज पसंद करने वालों के लिए एक मजबूत कहानी




