गाजीपुर एनकाउंटर के बाद यूपी की राजनीति में सियासी घमासान

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में विनीत राय हत्याकांड के आरोपी कमलेश के एनकाउंटर के बाद एक बार फिर राज्य में एनकाउंटर पॉलिटिक्स तेज हो गई है। इस घटना ने कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष इस मामले को लगातार सवालों के घेरे में ले रहा है जबकि सरकार इसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का हिस्सा बता रही है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली सरकार का कहना है कि प्रदेश में अपराध और माफिया के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस नीति” पर काम हो रहा है।
विपक्ष का हमला और पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया
विपक्ष का आरोप है कि यूपी में हो रहे एनकाउंटर कई बार सवालों के घेरे में आते हैं और इन्हें केवल कानून व्यवस्था के बजाय राजनीतिक नजरिए से देखा जाना चाहिए। वहीं विनीत राय के परिवार ने भी इस एनकाउंटर पर असंतोष जताया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस मामले को लेकर इलाके में विरोध और चर्चा दोनों जारी हैं।
योगी सरकार में हुए चर्चित एनकाउंटर
योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में कई बड़े एनकाउंटर हुए हैं जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं कानपुर में विकास दुबे का एनकाउंटर, बाराबंकी में टिंकू कपाला, लखनऊ में हमजा, झांसी में असद अहमद का एनकाउंटर Asad Ahmed और मेरठ में अनिल दुजाना। सरकार इन घटनाओं को अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उदाहरण बताती है।
NCRB रिपोर्ट में अपराध के आंकड़े
National Crime Records Bureau के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में 2017 से 2024 के बीच कई गंभीर अपराधों में कमी दर्ज की गई है। हत्या, अपहरण, फिरौती, बलात्कार, चोरी और डकैती जैसे अपराधों में गिरावट देखी गई है। सरकार इन आंकड़ों को कानून व्यवस्था में सुधार के रूप में पेश करती है।
यूपी में सबसे ज्यादा एनकाउंटर वाले जोन
मार्च 2017 से मई 2026 के बीच मेरठ जोन में सबसे ज्यादा एनकाउंटर हुए हैं, इसके बाद आगरा और वाराणसी जोन का स्थान आता है। इन आंकड़ों से पुलिस की सक्रियता और अपराध नियंत्रण को लेकर अलग-अलग राय सामने आती है।
एनकाउंटर के जातीय आंकड़ों पर विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2017 से 2024 के बीच कुल 207 अपराधियों के एनकाउंटर हुए हैं। इनमें विभिन्न समुदायों के आंकड़े सामने आने के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्ष इसे सामाजिक नजरिए से जोड़कर सवाल उठा रहा है जबकि सरकार इसे केवल अपराध और कानून व्यवस्था का मामला मानती है।
सरकार का रुख: माफिया और अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी
सरकार का कहना है कि प्रदेश में माफिया, गैंगस्टर और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। योगी सरकार का दावा है कि कानून व्यवस्था को मजबूत करना उसकी पहली प्राथमिकता है। वहीं विपक्ष एनकाउंटर नीति पर पारदर्शिता और न्यायिक प्रक्रिया की मांग कर रहा है।




