
दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की अहम बैठक में विपक्षी दलों ने कई राजनीतिक और जनसरोकार के मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने का फैसला किया। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने बताया कि गठबंधन के सभी दलों के बीच पांच प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी है और अगली बैठक अगस्त में Hyderabad में आयोजित की जाएगी।
बैठक में लिए गए 5 प्रमुख निर्णय
- मतदाता सूची और SIR मुद्दे पर मुख्य न्यायाधीश को पत्र
- विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर चिंता जताई।
- इस संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश को संयुक्त पत्र भेजने का निर्णय लिया गया।
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
- NEET और CBSE परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
- गठबंधन का आरोप है कि परीक्षा प्रबंधन में गंभीर खामियां रही हैं।
- आर्थिक मुद्दों पर सर्वदलीय बैठक की मांग
- बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और आर्थिक सुस्ती पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की गई।
- हर दो महीने में होगी INDIA गठबंधन की बैठक
- विपक्षी दलों ने नियमित समन्वय बनाए रखने के लिए हर दो महीने में बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया।
- अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में प्रस्तावित है।
- संसद में समन्वित रणनीति
- आगामी मानसून सत्र के दौरान सभी विपक्षी दल संसद के भीतर साझा रणनीति के तहत काम करेंगे।
- प्रतिदिन समन्वय बैठक आयोजित करने पर भी सहमति बनी।
25 दलों की भागीदारी
बैठक में कांग्रेस, Akhilesh Yadav की समाजवादी पार्टी, Mamata Banerjee की तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार गुट) सहित कुल 25 दल शामिल हुए।
खरगे का सरकार पर हमला
खरगे ने आरोप लगाया कि:
- SIR के जरिए मताधिकार प्रभावित हो रहा है।
- जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
- महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है।
- युवाओं को परीक्षा प्रणाली की खामियों का सामना करना पड़ रहा है।
- MSME क्षेत्र दबाव में है और निवेश की गति अपेक्षित नहीं है।
यह बैठक हाल के विधानसभा चुनावों के बाद INDIA गठबंधन की पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है, जिसमें विपक्ष ने आगामी राजनीतिक रणनीति और राष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रुख दिखाने का प्रयास किया।




