उत्तर प्रदेश

लखनऊ में गोमती उफान पर: 40 हजार घरों में घुसा पानी, 10 हजार लोगों ने छोड़ा घर—रिवर फ्रंट बंद

राजधानी लखनऊ में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के 40 हजार से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। करीब 10 हजार लोग अपने घर-बार छोड़कर सुरक्षित जगहों पर पलायन कर चुके हैं। कई इलाकों की गलियों में नावें चल रही हैं। गोमती रिवर फ्रंट पूरी तरह जलमग्न हो चुका है और उसे अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। हालांकि बारिश अब थम चुकी है, लेकिन नदियों का जलस्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा।

इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ऊपरी इलाकों में हुई बारिश का पानी नदियों के जरिए मैदानी इलाकों में पहुंच रहा है। नेपाल, उत्तराखंड और यूपी के ऊपरी जिलों का पानी लखनऊ तक पहुंच रहा है, जिससे गोमती का जलस्तर बढ़ रहा है। दूसरी वजह बैराज और बांधों से छोड़ा जा रहा अतिरिक्त पानी है। प्रदेश के 11 जिलों में 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कटान तेज हो गया है, जिससे कई पेड़ और मकान नदी में समा गए। वहां एक गांव में बाघ घुस आया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने से चंपापुरवा गांव में मगरमच्छ घुस आया, जिसे ग्रामीणों ने पकड़कर उसका मुंह बांध दिया।

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण पश्चिम मानसून इस बार तय समय से दो दिन पहले 3 अक्टूबर को ही यूपी से वापस लौट गया। मानसून ने 12 दिन की देरी से 30 जून को प्रदेश में एंट्री की थी। यानी इस साल मानसून यूपी में 95 दिनों तक एक्टिव रहा। लेकिन बारिश रुकने के बाद भी नदियों का जलस्तर ऊंचा बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और राहत टीमें तैनात की जाएंगी। लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों के किनारे न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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