उत्तर प्रदेश

मुरादाबाद में सपा कार्यालय पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: प्रशासन का आदेश रद्द

मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी (सपा) के जिला कार्यालय को लेकर चल रहे विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को सपा के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया। जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस सत्यवीर सिंह की डिवीजन बेंच ने जिला प्रशासन के कार्यालय खाली कराने के आदेश को रद्द कर दिया और यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया।

इस फैसले से सपा को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने पहले भी यथास्थिति का आदेश जारी कर कार्रवाई पर रोक लगा रखी थी। अदालत ने जिला प्रशासन के दावों को खारिज करते हुए कहा कि सपा कार्यालय में कोई अवैध कब्जा नहीं है।

सपा का जिला कार्यालय शहर के सिविल लाइन्स स्थित चक्कर की मिलक में 1994 से चल रहा है। यह भवन पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को आवंटित किया गया था। कार्यालय का किराया पहले 250 रुपए और बाद में बढ़कर 500 रुपए मासिक जमा किया जाता रहा है।

अगस्त में अचानक जिला प्रशासन ने आवंटन रद्द करते हुए दो सप्ताह में कार्यालय खाली करने का नोटिस भेजा था, जिसमें इसे अवैध कब्जा बताकर नगर निगम की सम्पत्ति में लेने की तैयारी की गई थी। सपा ने इसे राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित कार्रवाई बताया और विरोध दर्ज कराया।

सपा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशि नंदन, विनीत विक्रम और कुणाल शाह ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि 30 वर्षों से लगातार कार्यालय का उपयोग हो रहा है और प्रशासन ने आवंटन रद्द करने की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं अपनाई।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रशासन के आदेश को रद्द कर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया। इससे पहले 9 अक्टूबर को अंतरिम राहत दी गई थी और 28 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी।

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