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प्रियंका गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला, चुनाव आयोग पर भी लगाए गंभीर आरोप

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां अपनी जनसभाओं में विपक्ष पर ‘जंगलराज’ का आरोप लगाकर निशाना साध रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर करारा पलटवार किया है। कटिहार जिले में आयोजित एक जनसभा में प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री और चुनाव आयोग दोनों पर गंभीर आरोप लगाए।

प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री अब अपने पद की गरिमा तक बनाए नहीं रख पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी अपनी सभाओं में कट्टा, गोली, फिरौती और रंगदारी जैसी बातें करते हैं। असल में उनके पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए उनकी भाषा का स्तर गिरता जा रहा है।”

कांग्रेस नेता ने जनता से सवाल करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री को इस तरह की भाषा शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि अब जनता मोदी के “झूठ” को पहचान चुकी है और उनके बहकावे में आने वाली नहीं है। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि “चुनाव जीतने के लिए अब पीएम मोदी वोट चोरी तक पर उतर आए हैं।”

चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना

प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में चुनाव आयोग को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चुनाव आयोग के तीन शीर्ष अधिकारियों के साथ मिलकर “वोट चोरी” कर रहे हैं। प्रियंका ने इन अधिकारियों के नाम भी लिए — ज्ञानेश कुमार, विवेक जोशी और एस.एस. संधू। उन्होंने कहा कि यही तीनों लोग लोकतंत्र और संविधान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

प्रियंका ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “इन तीनों के नाम याद रखिए, इन्हें पद के पीछे मत छिपने दीजिए। ये जनता के अधिकार छीन रहे हैं और एक दिन इन्हें जवाब देना पड़ेगा।”

“लोकतंत्र और संविधान के साथ विश्वासघात”

प्रियंका गांधी ने कहा कि संविधान ने जनता को वोट डालने का अधिकार दिया है, लेकिन जब बीजेपी को लगा कि जनता उसके खिलाफ है, तो उसने “वोट चोरी” की कोशिश शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान दोनों के साथ विश्वासघात है।

राहुल गांधी ने भी साधा बीजेपी पर निशाना

जनसभा में राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने उत्तर प्रदेश के ललितपुर में एक किसान की मौत का जिक्र किया जो दो दिन तक खाद लेने के लिए लाइन में खड़ा रहा और बिना खाए-पिए उसकी मौत हो गई। राहुल ने कहा कि यह बीजेपी सरकार की असलियत है, जहां किसान, मजदूर और आम लोग त्रस्त हैं, और अब सरकार जनता के वोट देने के अधिकार तक पर डाका डालने की कोशिश कर रही है।

बिहार में चुनावी माहौल अब गरम होता जा रहा है, जहां एक ओर एनडीए विकास और स्थिरता की बात कर रहा है, वहीं विपक्ष मोदी सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप लगा रहा है।

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