केरल में BJP की बड़ी जीत, तिरुवनंतपुरम को मिला पहला बीजेपी महापौर

केरल की राजनीति में शुक्रवार (26 दिसंबर) को एक ऐतिहासिक मोड़ देखने को मिला, जब बीजेपी नेता वीवी राजेश ने तिरुवनंतपुरम के महापौर पद की शपथ ली। इस जीत के साथ ही बीजेपी ने राज्य की राजधानी में 45 साल से चला आ रहा सीपीआईएम का दबदबा खत्म कर दिया, जिससे केरल की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
पदभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में महापौर वीवी राजेश ने कहा कि “हम सबको साथ लेकर चलेंगे और तिरुवनंतपुरम को एक विकसित शहर बनाएंगे।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि शहर के सभी 101 वार्डों में समान रूप से विकास कार्य किए जाएंगे।
विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ी बढ़त
वीवी राजेश ऐसे समय में महापौर बने हैं, जब केरल विधानसभा चुनाव में छह महीने से भी कम समय बचा है। ऐसे में राजधानी में बीजेपी की यह जीत पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है।
केरल में बीजेपी लंबे समय से संघर्ष कर रही है और लेफ्ट के मजबूत किले को भेदने में अब तक नाकाम रही थी। अब तक पार्टी का राज्य में
- सिर्फ एक विधायक रहा है—ओ. राजगोपाल (नेमोम, 2016)
- और एक सांसद—अभिनेता सुरेश गोपी, जिन्होंने 2024 में त्रिशूर सीट जीती
ऐसे में तिरुवनंतपुरम नगर निगम में महापौर पद हासिल करना बीजेपी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
बहुमत से सिर्फ एक वोट ज्यादा, फिर भी निर्णायक जीत
महापौर पद के लिए हुए मतदान में
- बीजेपी उम्मीदवार वीवी राजेश को 51 वोट मिले
- सीपीआईएम के आरपी शिवाजी को 29 वोट
- कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ के केएस सबरीनाथन को 19 वोट मिले
100 सदस्यीय निगम में बहुमत का आंकड़ा 50 था। एक पार्षद ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जबकि एक निर्दलीय पार्षद पी. राधाकृष्णन के समर्थन से बीजेपी की जीत संभव हो सकी।
45 साल बाद टूटा लेफ्ट का किला
वीवी राजेश का महापौर बनना केरल की शहरी राजनीति में बीजेपी के लिए नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। राजधानी के नगर निकाय पर सीपीआईएम का करीब 45 वर्षों से चला आ रहा नियंत्रण खत्म हो गया है।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि
“सीपीआईएम ने कांग्रेस के परोक्ष समर्थन से तिरुवनंतपुरम को बर्बाद किया। अब शहर को विकास की नई दिशा मिलेगी।”



