योगी सरकार का बड़ा कदम: 12,492 अनुसूचित जाति बहुल गांवों में मजबूत होगा आधारभूत ढांचा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के हर जरूरतमंद तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लक्ष्य पर लगातार काम कर रही है। सरकार का फोकस समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने पर है, ताकि कोई भी वर्ग मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रह जाए। इसी दिशा में राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की विशेष पहल की है।
12,492 गांव चयनित, 2025-26 तक होगा विकास कार्य पूरा
योगी सरकार की इस योजना के तहत वर्ष 2025-26 तक 40 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति आबादी वाले 12,492 गांवों को चिन्हित किया गया है। इन गांवों की न्यूनतम जनसंख्या 500 तय की गई है, जिससे योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
पेयजल से लेकर डिजिटल लाइब्रेरी तक होंगी सुविधाएं
चयनित ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं:
- पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था
- स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय
- सोलर व स्ट्रीट लाइट
- बोरवेल और पाइपलाइन विस्तार
- डिजिटल लाइब्रेरी
- ट्रांसफॉर्मर और मोटर शेड
- शवदाह गृह का निर्माण
इन सुविधाओं के जरिए स्वच्छ वातावरण, बेहतर शिक्षा और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
2562 गांवों में काम स्वीकृत, 910 में पूरा
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध निदेशक शिव प्रसाद ने बताया कि समाज कल्याण की कार्यदायी संस्था UPSIDCO के माध्यम से अब तक 2562 गांवों में विकास कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 910 गांवों में काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष गांवों में कार्य तेजी से प्रगति पर है।
गांवों को मिली जिम्मेदारी, काम में आई तेजी
योजना के टर्मिनल वर्ष को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए विकेंद्रीकृत व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत अब ग्राम पंचायतों को ही कार्यदायी संस्था बनाया गया है। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया आसान हुई है और स्थानीय स्तर पर निगरानी व जवाबदेही भी मजबूत हुई है।
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना से सामाजिक समावेशन को बल
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के माध्यम से योगी सरकार न केवल ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सशक्त कर रही है, बल्कि अनुसूचित जाति समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है। यह पहल सामाजिक न्याय, समान विकास और समावेशी प्रगति की अवधारणा को जमीन पर उतारने का अहम प्रयास मानी जा रही है।
योगी सरकार की यह योजना दर्शाती है कि प्रदेश में विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि हर वर्ग तक वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।



