सीबीआई ने झांसी CGST कार्यालय में रिश्वतखोरी रैकेट का किया खुलासा, डिप्टी कमिश्नर समेत 5 गिरफ्तार

झांसी: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उत्तर प्रदेश के झांसी में सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (CGST) कार्यालय में बड़े रिश्वतखोरी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में सीबीआई ने एक डिप्टी कमिश्नर (IRS-C&IT), दो सुपरिटेंडेंट, एक वकील और एक निजी कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने इन आरोपियों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ जीएसटी चोरी से जुड़े मामलों में निजी फर्मों को फायदा पहुंचाने के बदले करीब 1.5 करोड़ रुपये के अनुचित लाभ की मांग करने का केस दर्ज किया है।
70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारी
सीबीआई ने 30 दिसंबर को ट्रैप बिछाकर कार्रवाई की। इस दौरान डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए CGST झांसी में तैनात दो सुपरिटेंडेंट को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर, एक वकील और एक निजी कंपनी के मालिक को भी हिरासत में लिया गया।
छापेमारी में 1.60 करोड़ नकद और ज्वेलरी बरामद
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने विभिन्न ठिकानों पर तलाशी ली, जहां से करीब 90 लाख रुपये नकद, कई संपत्ति के दस्तावेज और बड़ी मात्रा में सोना व ज्वेलरी बरामद की गई। अब तक जब्त की गई कुल नकदी लगभग 1.60 करोड़ रुपये बताई जा रही है। तलाशी और आगे की जांच अभी जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
- प्रभा भंडारी (IRS-C&IT 2016), डिप्टी कमिश्नर, CGST झांसी
- अनिल तिवारी, सुपरिटेंडेंट, CGST झांसी
- अजय कुमार शर्मा, सुपरिटेंडेंट, CGST झांसी
- राजू मंगतानी, मालिक, एम/एस जय दुर्गा हार्डवेयर
- नरेश कुमार गुप्ता, वकील
अदालत में पेशी की तैयारी
सीबीआई के अनुसार सभी आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। एजेंसी ने बताया कि ट्रैप के दौरान ली गई रिश्वत की रकम डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर वसूली जा रही थी।
इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सीबीआई मामले की गहन जांच कर रही है।

